चिदंबरम ने साथ ही यह भी कहा कि वह कभी भी दबाव में नहीं झुकेंगे और न ही बीजेपी में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी का यह भी मकसद है कि ‘राजनीतिक नेताओं (विरोधियों) को उसकी (सरकार की) आलोचना नहीं करने दो. उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी अपना एजेंडा लागू करने के लिए उनकी आवाजों का ‘गला घोंटने' पर उतारू है. उन्होंने व्यंगात्मक ढंग से भाजपा की तुलना गंगा नदी से की और कहा, ‘भाजपा गंगा नदी है और इसमें डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं. वह परोक्ष तौर पर यह इशारा कर रहे थे कि वह दबाव नहीं झुकेंगे और भाजपा में शामिल नहीं होंगे.
Source: NDTV December 08, 2019 04:30 UTC