दोपहर में सूरज तपा, शाम को रिमझिम: बीकानेर में दिनभर नौतपा का असर, शाम को रिमझिम के बाद मामूली राहत, अभी कई दिन अंधड़ की चेतावनी - News Summed Up

दोपहर में सूरज तपा, शाम को रिमझिम: बीकानेर में दिनभर नौतपा का असर, शाम को रिमझिम के बाद मामूली राहत, अभी कई दिन अंधड़ की चेतावनी


Hindi NewsLocalRajasthanBikanerThunderstorm Warning In Many Parts Of The State Including Bikaner, Difficult Days In Eastern And Western RajasthanAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपदोपहर में सूरज तपा, शाम को रिमझिम: बीकानेर में दिनभर नौतपा का असर, शाम को रिमझिम के बाद मामूली राहत, अभी कई दिन अंधड़ की चेतावनीबीकानेर 4 घंटे पहलेकॉपी लिंकबीकानेर की गर्मी में एक पार्क के फव्वारे से निकलना पानी भी कबूतरों को ज्यादा राहत नहीं दे पा रहा।रविवार को तमतमाते सूरज ने बीकानेर का पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा दिया है। हालांकि रात करीब आठ बजे हुई बहुत हल्की रिमझिम ने आंशिक राहत दी है। मौसम विभाग ने अब यहां तेज हवाएं चलने की भी संभावनाएं जताई हैं। पश्चिमी राजस्थान के रेतीले क्षेत्र में जहां लोगों को अगले कुछ दिन अंधड़ से परेशान होना पड़ेगा, वहीं पूर्वी राजस्थान में भी गर्मी बढ़ रही है।बीकानेर में रविवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य तापमान से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। रात करीब आठ बजे हुई हल्की रिमझिम के बाद थोड़ी ठंडक का अहसास हुआ। शहर के साथ गांवों में भी बादलों से कुछ राहत बरसी। उम्मीद की जा रही है कि इससे रात का तापमान कुछ गिरेगा। श्रीगंगानगर अभी भी सबसे गर्म जिला बना हुआ है, जहां 46.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। चूरू में 46.1 डिग्री सेल्सियस रहा। बीकानेर संभाग के सभी जिलों में पारा 45 के आसपास होने से जनजीवन भी प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने तीन जून तक पश्चिमी राजस्थान के सभी जिलों में तेज गर्मी के साथ अंधड़ की चेतावनी दी है। चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, जोधपुर में अगले कुछ दिन तक चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे हवा चल सकती है। इस दौरान आंधी चलने से जनजीवन प्रभावित होगा।वहीं, पूर्वी राजस्थान में अलवर, भरतपुर, बूंदी, धोलपुर, दौसा, जयपुर, कोटा, सीकर, झुंझुनूं में भी तापमान में बढ़ोतरी के साथ तेज हवाओं के चलेगी।लू की चेतावनीमौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू के कारण मौत भी हो सकती है। ऐसे में तेज गर्मी में थकान से बचने की सलाह दी गई है। इस दौरान फसलों पर भी विपरीत असर पड़ सकता है। ऐसे में फसलों को बचाने के लिए वैज्ञानिक खेती करने की जरुरत है।


Source: Dainik Bhaskar May 30, 2021 09:27 UTC



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