नीतीश कुमार का ‘असली बिजली’ वाला किस्सा: 70 यूनिट से 374 यूनिट तक कैसे बदली बिहार की तस्वीर - News Summed Up

नीतीश कुमार का ‘असली बिजली’ वाला किस्सा: 70 यूनिट से 374 यूनिट तक कैसे बदली बिहार की तस्वीर


भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। बिहार में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। नीतीश कुमार पिछले 20 साल से प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। सियासी गलियारों में गाहे-बगाहे उनके इस लंबे कार्यकाल में किए गए कामों की चर्चा भी होती है। बिजली के क्षेत्र में किए गए उनके काम से जुड़ा एक किस्सा भी काफी चर्चित है। एक समय नीतीश कुमार ने इस किस्से को बड़े रोचक अंदाज में सुनाया भी था। उन्होंने कहा था कि एक समय सड़क मार्ग से वह जहानाबाद की तरफ जा रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि रास्ते में एक जगह कुछ लोगों ने उनके वाहन को रोका। यह बात समझ में नहीं आई कि वे लोग क्यों रोक रहे हैं। उन्होंने स्वयं उन लोगों से पूछा कि उन्हें क्यों रोका गया है? इस पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें असली बिजली चाहिए। अभी जो बिजली उन्हें मिल रही है, वह नकली बिजली है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि आखिर मामला है क्या? नकली ब‍िजली का मतलब अधिकारियों ने समझाया अधिकारियों ने समझाया कि इस गांव के लोगों को जो बिजली मिल रही है, वह सौर ऊर्जा वाली है। ग्रामीण इसे नकली बिजली कह रहे हैं। उन्हें थर्मल पावर से बनने वाली बिजली चाहिए। इस पर नीतीश कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि उन्हें अभी जो बिजली मिल रही है, वही असली बिजली है। आप सभी ग्रामीण जिसकी मांग कर रहे हैं, वह नकली बिजली है।आने वाले दिनों में खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने वैसे उस गांव में थर्मल वाली बिजली पहुंचवा दी। इस वाकये को काफी वक्त हो चुका है। आज बिहार में सोलर सेक्टर नई क्रांति की तरफ है। 'असली बिजली' बड़े स्तर पर आने वाली है।एक समय यह किस्सा सियासी गलियारों में भी खूब चला। सभाओं में मंच से यह पूछा जाता था कि बिजली आई? उस वक्त बिहार में बिजली आ गई थी। बिजली नहीं आई सुनने की चाह में भीड़ से यह आवाज आती थी कि हां बिजली आ गई।(ब‍िहार के घर-घर में ब‍िजली पहुंचाने में सफल रहे नीतीश कुमार।) हवाई मार्ग से यात्रा करते समय ख‍िंचवाई तस्‍वीर बिहार में बिजली को लेकर नीतीश कुमार से जुड़े और भी किस्से हैं। इनमें से एक उस समय का है जब वह हवाई मार्ग से गया से पटना लौट रहे थे। शाम हो गई थी।नीतीश कुमार ने जब नीचे झांका तो पूरा इलाका रोशनी से जगमग था। बड़े उत्साह से उन्होंने अपने साथ चल रहे अधिकारियों को कहा कि मोबाइल से इसकी तस्वीर लीजिए। तस्वीर ली गई और अगले दिन उन्होंने इस तस्वीर को सार्वजनिक भी करवाया। बिहार में बिजली के इंतजाम को लेकर उन्हाेंने मिशन मोड में कराया। इसके बाद उन्होंंने गांधी मैदान से स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में यह कहा था कि अगर बिजली नहीं आएगी तो वह लोगों के बीच वोट मांगने नहीं जाएंगे। उनके इस निश्चय ने तय लक्ष्य से पहले बिहार में हर घर बिजली पहुंचा दी।प्रत‍ि व्‍यक्‍त‍ि खपत पांच गुना से ज्‍यादा बढ़ी बिहार में बिजली के क्षेत्र में विकास की कहानी यह है कि वर्ष 2005 में यहां प्रति व्यक्ति बिजली की खपत केवल 70 यूनिट थी जो वर्तमान में बढ़कर 374 यूनिट हो गई है।


Source: Dainik Jagran March 30, 2026 15:33 UTC



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