डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NCERT क्लास 8 की टेक्स्ट बुक के चैप्टर ''न्यायापालिका में भ्रष्टाचार'' विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि जो हुआ, उससे मैं बहुत दुखी हूं, न्यायपालिका के अपमान का कोई इरादा नहीं था।NCERT टेक्स्ट बुक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गुरुवार को मामले पर सुनवाई की। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जे बागची और जस्टिस पंचोली की बेंच ने एनसीआरटी डायेक्टर और शिक्षा सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 11 मार्च को की जाएगी।उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी। ज्यूडिशियल करप्शन पर चैप्टर का ड्राफ्ट बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम न्यायपलिका का पूरा सम्मान करते हैं। कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा।बता दें कि चीफ जस्टिस की नाराजगी के बाद एनसीईआरटी ने किताब वापस ले ली है। साथ ही काउंसिल ने बिना शर्त माफी भी मांगी है। हालांकि, शीर्ष अदालत इस मामले पर सख्त हो गई है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा कम करने के लिए सोचा समझा कदम है। मैं न्यायापालिका का मुखिया होने के नाते जब तक संतुष्ट नहीं हो जाता हूं तब तक सुनवाई जारी रहेगी।NCERT ने बिना शर्त माफी मांगीमामले पर सुनवाई के दौरान, एनसीईआरटी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "सबसे पहले, हम बिना शर्त माफी मांगते हैं। स्कूल एजुकेशन के सेक्रेटरी यहां हैं।"इसपर सीजेआई ने कहा, "उनके नोटिस में माफी का एक भी शब्द नहीं है। किसी ने मुझे भेजा था। जिस तरह से इस डायरेक्टर ने इसे बढ़ाने की कोशिश की है। मैंने सेक्रेटरी जनरल से पूछा कि क्या ऐसा पब्लिकेशन सच में हुआ था। बहुत जिम्मेदार अखबार ने छापा था, फिर भी इसमें गहरी साजिश है।"
Source: Dainik Jagran February 26, 2026 14:11 UTC