जालोर। अपने जीवन काल में दो बार सरकारी सेवाओं में योगदान देने के बाद सेवानिवृत्त हुए व्यक्ति ने अपने जीवन साथी अर्थात् पत्नी की सेहत के लिए बंजर भूमि को हरियाली में तब्दील किया। हम बात कर हरे हैं राजथान के लाडनू (नागौर) में पले-बढ़े और जवान मेघराम बेंधा की। आज मेघराम ने अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत इस बंजर जमीन पर 40 से अधिक किस्मों के फल, सब्जियां उगा रखी हैं। मेघराम ने भारतीय वायुसेना में रहते हुये देश के लिये सेवायें दी और इसके बाद वो जालोर पहुंचे। जीपीएफ कार्यालय में उन्होंने अपनी दूसरी पारी की नौकरी शुरू की। लेकिन जालोर शहर में रहने के दौरान उनकी पत्नी की सेहत बिगड़ने लगी। ऐसे में 2011 में सेवानिवृत्त हुए मेघाराम ने अपनी पत्नी के सेहत को ध्यान रखने के लिए उन्होंने शहर छोड़ स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त इलाके में बसने का फैसला लिया। प्रदूषण मुक्त इलाके की तलाश में मेघराम को जो जमीन मिली वह बंजर थी लेकिन जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर इससे बेहतर उन्हें कोई दूसरा सौदा नहीं मिला। लेकिन 60 वर्ष पार करने के बाद भी अपने जुनून को कायम रखा। रेवत सरहद चितहरणी इलाके में जहां कोई जाना पसंद नहीं करता था, उस भूमि पर चीकू, आम, केला, नारंगी, अनार, बादाम जैसे विभिन्न प्रकार के 40 प्रकार के फल और सब्जियां उगा कर जमीन को जन्नत बना दिया।
Source: Navbharat Times June 12, 2021 16:30 UTC