पाकिस्तानी हैंडलरों से सीधा कनेक्शन! शब्बीर की गिरफ्तारी ने खोले बड़े राज….आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश - News Summed Up

पाकिस्तानी हैंडलरों से सीधा कनेक्शन! शब्बीर की गिरफ्तारी ने खोले बड़े राज….आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश


New Delhi : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वांछित आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। गाजीपुर इलाके से हुई इस गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। शब्बीर न केवल पाकिस्तानी हैंडलरों के सीधे संपर्क में था, बल्कि वह भारत में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करने के मिशन पर था।पाकिस्तानी हैंडलरों और जकी-उर-रहमान लखवी से कनेक्शनस्पेशल सेल के अधिकारी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि शब्बीर अहमद लोन दो प्रमुख पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था, जिनके कोड नाम ‘अबू हुजैफा’ और ‘सुमामा बाबर’ हैं। ये दोनों लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय ऑपरेटिव हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जब शब्बीर को पहली बार 2007 में गिरफ्तार किया गया था, तब उसे सीधे तौर पर लश्कर का टॉप कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी हैंडल कर रहा था। 2015 में वह सज्जाद गुल के साथ पकड़ा गया था, जिसने बाद में पाकिस्तान भागकर आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) की स्थापना की।नेपाली सिम और विदेशी मुद्रा की बरामदगीआतंकी शब्बीर के पास से सुरक्षा एजेंसियों ने कई संदिग्ध चीजें बरामद की हैं, जो उसके अंतरराष्ट्रीय आतंकी संपर्कों की पुष्टि करती हैं:आतंकी शब्बीर के पास से सुरक्षा एजेंसियों ने कई संदिग्ध चीजें बरामद की हैं, जो उसके अंतरराष्ट्रीय आतंकी संपर्कों की पुष्टि करती हैं: विदेशी मुद्रा: करीब 2,300 बांग्लादेशी टका और 3,000 से 5,000 पाकिस्तानी रुपया (लगभग 3,000 भारतीय रुपये)।नेपाली सिम कार्ड: संचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक नेपाली सिम कार्ड भी जब्त किया गया है।मेट्रो पोस्टर केस: आरोपी दिल्ली मेट्रो पोस्टर केस में लंबे समय से फरार चल रहा था।कोलकाता और बांग्लादेश को बनाया था ‘सेफ हाउस’जांच में खुलासा हुआ है कि शब्बीर अहमद लोन भारत में हमले करने के लिए बांग्लादेश के रास्ते घुसपैठ कर रहा था। वह कुछ समय तक बांग्लादेश में छिपा रहा और उससे पहले उसने कोलकाता के हटियारा इलाके में अपने मॉड्यूल के लिए एक सुरक्षित ठिकाना (Safe House) बनाया था। यह ठिकाना उसके और उसके साथियों के लिए छिपने और साजिश रचने का मुख्य केंद्र था।भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी और नए सदस्यों की भर्तीप्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक, शब्बीर का पुराना मॉड्यूल खत्म हो चुका था, इसलिए वह फिर से भारत आया था ताकि नए रास्ते तलाश सके और नए लड़कों को आतंकी संगठन में भर्ती कर सके। वह दिल्ली के घनी आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों की रेकी (Recce) कर रहा था ताकि बड़े आतंकवादी हमले को अंजाम दिया जा सके। वह अपने हैंडलरों को लगातार इन इलाकों की जानकारी भेज रहा था।आतंकी इतिहास और बार-बार गिरफ्तारीशब्बीर अहमद लोन का आतंकी इतिहास काफी पुराना है। वह 2007 और 2015 में भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो जाता था। इस बार उसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है, क्योंकि उसने राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया है।


Source: Dainik Bhaskar March 31, 2026 03:13 UTC



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