Dainik Bhaskar Feb 06, 2019, 06:46 PM ISTरविवार को डॉक्टर ने अवैध संबंध के चलते की थी नाैकर की हत्यादो दिन से कर रहा था लाश के टुकड़े, एसिड से गला रहा थाहोशंगाबाद. डॉक्टर द्वारा नौकर की हत्या करके उसे शव को एसिड से गलाने के मामले में पुलिस मृतक की पत्नी की कितनी भूमिका है इसकी जांच में लगी है। लेकिन, पुलिस सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार नौकर की पत्नी को पता था कि डॉक्टर उसके पति की हत्या कर चुका है। सोमवार रात को पति घर नहीं पहुंचा था, पर पत्नी ने एक बार भी उसे फोन नहीं लगाया। उसने इतना जरूर किया कि सोमवार शाम और मंगलवार सुबह कॉलोनी में पति के बारे में कुछ लोगों से पूछा। इसके बाद इत्मीनान से घर चली गई और किसी से कोई बात नहीं की। मामले के खुलासे के बाद पुलिस डॉक्टर की पत्नी की मौत के बारे में भी पूछताछ करेगी।डॉक्टर के घर में शव के टुकड़े करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद ड्राइवर वीरू की पत्नी को घटनास्थल पर पुलिस लेकर आई थी। उस दौरान वो आराम से सोफे पर बैठी रही। उसने एक बार भी ऐसा रिएक्शन नहीं दिया, जिससे सदमे में दुखी लगे। इसके बाद ही वह पुलिस की रडार पर थी। इसके बाद पुलिस डॉक्टर और ड्राइवर की पत्नी को थाने ले गई। पुलिस को महिला के मोबाइल से कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिससे ये तो जाहिर होता है कि महिला डॉक्टर से तो संपर्क में थी लेकिन उसने पति को एक बार भी फोन नहीं किया। पुलिस का कहना है कि जब पति रातभर घर नहीं पहुंचा को उसे पुलिस से संपर्क करना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।2013 से डॉक्टर से संबंध: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला और डॉक्टर के बीच संबंध 2013 से थे। इसकी जानकारी उसके पति वीरू को करीब डेढ़ साल पहले लगी। तभी से वो डॉक्टर को ब्लैकमेल और पत्नी को परेशान कर रहा था। ये भी पता चला है कि वीरू डॉक्टर से मोटी रकम भी वसूल कर चुका था।दो साल पहले हुई थी पत्नी की मौत: पुलिस पूछताछ में डॉक्टर ने बताया है कि उसकी पत्नी सुषमा की मौत दो साल पहले दवाओं के ओवरडोज लेने से हुई थी। लेकिन, पुलिस को पता चला है कि उस समय डॉक्टर ने जो कहानी बताई थी तो उसने बताया था कि मौत की वजह इंजेक्शन का रिएक्शन है। पुलिस को ये भी पता चला है कि डॉक्टर की पत्नी को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।भोपाल भेजे शव के टुकड़े: शव का पोस्टमॉर्टम भोपाल के मेडिको लीगल के विशेषज्ञों द्वारा हमीदिया अस्पताल में किया जाएगा। इसके लिए शव के टुकड़े होशंगाबाद से भोपाल भेजे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शव के टुकड़ों से अभी भी जलने जैसी गंध आ रही है। होशंगाबाद सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि शव के टुकड़ों से अभी भी एसिड का असर खत्म नहीं हुआ है। भोपाल में डीएनए के लिए सेंपल लिए जाएंगे।दुकानदार को लगा कहीं सुसाइड तो नहीं कर रहा: बताया जा रहा है कि बीते आठ-दस दिन से डॉक्टर होशंगाबाद की हर दुकान से एसिड खरीद रहा था। जिस दुकान से उसने सबसे ज्यादा एसिड खरीदा था उस दुकानदार को पता था कि पत्नी के मौत के बाद डॉक्टर डिप्रेशन में रहते हैं, कहीं सुसाइड नहीं कर लें। दुकानदार ने इसकी जानकारी सीआईडी के डीएसपी को दी।ऐसे हुआ मामले का खुलासा: दुकानदार से मिली जानकारी के बाद डीएसपी सादा कपड़ों में डॉक्टर के घर पहुंचे तो ताला लगा मिला। इसके बाद उन्होंने सादा कपड़ों में दो इंस्पेक्टर की तैनाती कर दी। जैसे ही डॉक्टर घर पहुंचा इंस्पेक्टर ने डीएसपी को सूचना दी। डीएसपी तुरंत डॉक्टर के घर पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर के घर से पूछा कि इतनी एसिड की बाटल ड्राइंग रूम में क्यों रखी हैं तो डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल ले जाने के लिए हैं। डीएसपी ने कहा कि इसकी बदबू क्यों आ रही है। डॉक्टर ने जवाब दिया कि उसे तो नहीं आ रही, इसके बाद डीएसपी ने साथ आए इंस्पेक्टर घर की तलाशी लेने कहा तो डॉक्टर ने विरोध किया। लेकिन. डीएसपी ने इंस्पेक्टर से कहा ऊपर जाकर देखो। जब इंस्पेक्टर घर की पहली मंजिल पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख उल्टे पैर लौट आया और डीएसपी को शव के टुकड़े डले होने की जानकारी दी।
Source: Dainik Bhaskar February 06, 2019 09:25 UTC