जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि मुर्गी पालन में मुर्गियों की देखरेख से ही आमदनी मिलती है तो सावधानी ज्यादा रखना होता है. लक्षण- मुर्गियों में तेज़ बुखार, सांस लेने में दिक्कत, अंडों के उत्पादन में कमी के साथ मुर्गियां हरे रंग की बीट करती हैं, कभी-कभी पंख और पैरों को लकवा मार जाता है, एक ही दिन में कई मुर्गियां मर जाती हैं. फाउल पॉक्स- इस बीमारी में मुर्गियों में छोटी-छोटी फुंसियां हो जाती हैं. हैचरी में पहले दिन ही चूज़े को टीका लगाया जाता है, लेयर और ब्रॉयलर, दोनों तरह की मुर्गियों को ये टीका लगाते हैं. लक्षण- मुर्गियों को भूख कम लगना, सुस्त और कमज़ोर पड़ना, शरीर में कंपकंपी भी होती है बीट का रंग सफेद हो जाना, मुर्गियों को प्यास ज़्यादा लगती है और कभी-कभी मुर्गियों की मौत भी हो जाती है.
Source: Dainik Jagran February 11, 2023 15:44 UTC