Dainik Bhaskar Feb 06, 2019, 07:14 PM ISTअदालत ने कहा- एसएमएस अलर्ट पर उपभोक्ता का प्रतिक्रिया ना देना जिम्मेदारी से बचने का आधार नहींबैंक की दलील थी- उपभोक्ता को एसएमएस अलर्ट देखने के बाद खाता ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट करनी थीकोच्चि. केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर उपभोक्ता के खाते से गलत ढंग से पैसा निकाला जाता है, तो बैंक अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते। जस्टिस पीबी सुरेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि अगर ऐसे मामलों में उपभोक्ता एसएमएस अलर्ट पर प्रतिक्रिया नहीं देता है, तब भी बैंक जिम्मेदार होंगे।उपभोक्ता के खाते से गलत ढंग से निकाले गए थे 2.4 लाख रु. अदालत ने कहा कि एसएमएस अलर्ट उपभोक्ता के प्रति बैंकों की जिम्मेदारी खत्म होने का आधार नहीं हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि कई उपभोक्ता ऐसे भी हो सकते हैं, जिन्हें लगातार एसएमएस अलर्ट देखने की आदत ना हो। केरल हाईकोर्ट ने यह आदेश स्टेट बैंक की याचिका रद्द करते हुए सुनाया। बैंक ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका लगाई थी। निचली अदालत ने बैंक को निर्देश दिए थे कि गैरआधिकारिक विथड्रॉल के चलते 2.4 लाख रुपया गंवाने वाले उपभोक्ता को मुआवजा दिया जाए। उपभोक्ता ने यह रकम ब्याज के साथ मांगी थी।बैंक ने कहा- हमने उपभोक्ता को अलर्ट भेजा थाबैंक ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि उपभोक्ता को विवादित विथड्रॉल का एसएमएस अलर्ट भेजा गया था। ऐसे में उस उपभोक्ता को तुरंत अपना खाता ब्लॉक कराने का अनुरोध करना था। जब उपभोक्ता ने एसएमएस अलर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो ऐसे में बैंक उसको हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं है।उपभोक्ता के हितों का ध्यान रखें बैंक- कोर्ट
Source: Dainik Bhaskar February 06, 2019 13:41 UTC