वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में रविवार को उस वक्त एक बड़ी चूक देखने को मिली जब फ्लोरिडा के आसमान में एक नागरिक विमान अचानक उनके आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ के बेहद करीब पहुंच गया।29 मार्च 2026 की दोपहर करीब 1:15 बजे हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए, जिसके बाद आनन-फानन में नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने मोर्चा संभाला। जैसे ही इस नागरिक विमान ने पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लागू अस्थायी उड़ान प्रतिबंधों का उल्लंघन किया, अमेरिकी वायुसेना के घातक F-16 लड़ाकू विमानों ने आसमान में गर्जना करते हुए स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इन लड़ाकू विमानों ने संदिग्ध विमान के पायलट को चेतावनी देने के लिए फ्लेयर्स (आग के गोलों जैसे संकेत) का इस्तेमाल किया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थिति तब और गंभीर हो गई थी जब नागरिक विमान का हवाई नियंत्रण टावर से संपर्क टूट गया था, जिसके चलते एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही को तुरंत रोकना पड़ा। हालांकि, कुछ ही देर बाद विमान से दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया गया और उसे सुरक्षित रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर खदेड़ दिया गया।व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि भले ही यह सुरक्षा में एक गंभीर चूक थी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या एयर फोर्स वन को किसी भी तरह का कोई सीधा खतरा पैदा नहीं हुआ था। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण एक बड़ी संभावित दुर्घटना को समय रहते टाल दिया गया और फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है कि आखिर कैसे एक नागरिक विमान इतने संवेदनशील सुरक्षा घेरे को भेदने में कामयाब रहा।यह भी पढ़े : ‘वो बोल रहा था दोस्तों-भाई के साथ भी संबंध बनाओ’, लखनऊ में पीड़िता बोली- ‘धर्म परिवर्तन करने को कहता था’
Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 08:41 UTC