Hindi NewsBusinessIT Department's Eye On Verification Of Tax Returns And Those Who Ignore Inquiry NoticesAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपबच नहीं पाएंगे टैक्स चोर: इनकम टैक्स रिटर्न के वेरिफिकेशन और इनक्वायरी नोटिस को नजरअंदाज करने वालों पर I-T विभाग की नजर14 घंटे पहलेकॉपी लिंकI-T विभाग ने बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने टैक्स रिटर्न के वेरिफिकेशन और इनक्वायरी के लिए भेजे गए नोटिस को जानबूझकर नजरअंदाज किया हैइनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक इन लोगों ने उसके भेजे ईमेल, SMS और यहां तक की कुछ मामलों में फिजिकल नोटिस को भी तवज्जो नहीं दी हैआयकर विभाग ने बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने टैक्स रिटर्न के वेरिफिकेशन और उससे जुड़ी इनक्वायरी के लिए भेजे गए नोटिस को जानबूझकर नजरअंदाज किया है। विभाग के मुताबिक इन लोगों ने उसकी तरफ से भेजे गए ईमेल, SMS और यहां तक की कुछ मामलों में फिजिकल नोटिस को भी तवज्जो नहीं दी है। राजस्व विभाग के सूत्रों ने बताया कि फेसलेस असेसमेंट स्कीम के चालू होने से ऐसे लोगों के लिए आयकर विभाग के हाथों से बच निकलना अब आसान नहीं होगा।इनकम टैक्स रिटर्न के साथ वित्तीय लेनदेन का मिलान होता हैफेसलेस असेसमेंट स्कीम से पहले ऐसे लोग टैक्स नोटिस का जवाब नहीं देकर अक्सर बच निकलते थे। लेकिन इस स्कीम में आयकर विभाग अब आयकरदाता के इनकम टैक्स रिटर्न के साथ उसके वित्तीय लेनदेन का भी मिलान करता है। जिन मामलों में दोनों के बीच बड़ा फर्क पाया जाता है उन टैक्स को रिटर्न को स्क्रूटनी के लिए निकाल लिया जाता है।हो रहा है डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमालसूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल कर रहा है जिससे टैक्स चोरी करनेवाले और धोखेबाज उसकी नजरों से बच नहीं पाएंगे। सूत्रों ने बताया कि पहले से बेहतर फॉर्म 26एस और प्री फिल्ड आईटीआर के साथ फेसलेस असेसमेंट स्कीम को इतना मजबूत बना दिया गया है कि अब यह आसानी से पता चला जाएगा कि कौन ईमानदार करदाता है और कौन टैक्स चुकाने में बेईमानी कर रहा है।नोटिस से बचने वालों का पता लगाने के लिए चला राष्ट्रव्यापी अभियानआयकर विभाग ने नोटिस का पालन नहीं करने वालों से बकाया टैक्स और जुर्माना वसूल करने को उनका पता लगाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया है। सूत्रों ने बताया कि विभाग को इस अभियान में गुजरात के राजकोट के एक ऐसे शख्स का पता चला जिसने इनकम टैक्स रिटर्न में पांच लाख रुपये से कम की आय दिखाई थी जबकि उसके बैंक खाते में 10 करोड़ रुपये का कैश डिपॉजिट हुआ था और साढ़े सात करोड़ रुपये की निकासी हुई थी।'आयकर चोर' के खाते और संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरूबताया जाता है कि सरकार को धोखा दे रहे राजकोट के शख्स ने आयकर विभाग के छह नोटिस का जवाब नहीं दिया था और 10 SMS के साथ ही संपर्क साधने के दूसरे तरीकों को धता बता दिया था। इस पर सर्वे ऑपरेशन चलाया गया तो विभाग को पता चला कि उसने इनकम टैक्स रिटर्न में जिस कारोबारी ठिकाने का पता दिया था वह किसी दूसरे का था। उसके बैंक खाते से घर का पता निकाला गया लेकिन वह वहां भी नहीं मिला तो आयकर विभाग ने उसके बैंक खाते और दूसरी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
Source: Dainik Bhaskar December 24, 2020 13:59 UTC