बेतिया VTR में बाघों पर 500 कैमरे की नजर: बाघों की गिनती के लिए लगाए जाएंगे कैमरे, बारिश के बाद होगी गिनती, 29 जुलाई को संख्या का खुलासा - News Summed Up

बेतिया VTR में बाघों पर 500 कैमरे की नजर: बाघों की गिनती के लिए लगाए जाएंगे कैमरे, बारिश के बाद होगी गिनती, 29 जुलाई को संख्या का खुलासा


Hindi NewsLocalBiharBettiah Valmiki Tiger Reserve Planning For Counting Of Tigres; 500 Camera Installed In VTR; Bihar Valmiki Tiger Reserve Latest Newsबेतिया VTR में बाघों पर 500 कैमरे की नजर: बाघों की गिनती के लिए लगाए जाएंगे कैमरे, बारिश के बाद होगी गिनती, 29 जुलाई को संख्या का खुलासाबेतिया/बगहा 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकवाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में बाघ।बेतिया के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में बाघों की गिनती करने के लिए 500 कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए VTR में बाघों की गिनती की जाएगी। बरसात खत्म होते ही गणना करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जंगल के अलग-अलग इलाकों में 500 कैमरा लगाने की तैयारी चल रही है। बाघों की गिनती हर साल की जाती है। लेकिन, इसकी संख्या सार्वजनिक नहीं की जाती है।बाघों पर कैमरे की होगी नजर।29 जुलाई को सार्वजनिक की जाएगी बाघों की संख्यावीटीआर के क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि प्रत्येक चार वर्ष पर गणना को सार्वजनिक किया जाता है। संख्या को लेकर एनटीसीए ने 20 मई तक रिपोर्ट मांगी थी, इसे भेजा गया है। हालांकि अब तक टीम नहीं आई है। लेकिन हमारा जो काम था हम लोगों ने कर दिया है। बाघों की गणना की जानकारी 29 जुलाई को विश्व बाघ दिवस पर सार्वजनिक की जाएगी। वहीं प्रत्येक वर्ष होने वाले बाघों की गणना के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। बरसात खत्म होते ही कैमरा लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।VTR में पहले पग मार से होती थी बाघों की गणना।पहले पग मार्क से होती थी गणनावीटीआर (VTR) में वर्ष 2006 से बाघों की गणना हो रही है। पहले पग मार्क से गणना होती थी। अब कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। इस विधि से गणना में वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल रही है। ट्रैप कैमरा में जितनी भी तस्वीर आएंगी उन्हें प्रत्येक सप्ताह निकालकर देखा जाता है। इससे बाघों की संख्या की जानकारी मिलती है। वीटीआर ( VTR) प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक बाघ के लिए नंबर निर्धारित है। इसमें यदि बिना नंबर का कोई शावक कैमरा के सामने आता है तो यह साबित होता है कि नए बाघ दिख रहे हैं। इस आधार पर संख्या का पता लगाया जाता है।बढ़ी शाकाहारी जानवरों की संख्याबाघ को शिकार करने के लिए शाकाहारी जानवरों की आवश्यकता होती है। जिस वन क्षेत्र में शाकाहारी जानवर ज्यादा रहते हैं वहां बाघों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। वीटीआर (VTR) में बाघों के लिए शाकाहारी जानवरों की संख्या बढ़ाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए ग्रास लैंड बनाया गया है। पांच वर्ष पूर्व यह करीब 800 हेक्टेयर में था, जो बढ़कर 1200 हेक्टेयर से ऊपर हो गया है। पानी के लिए जगह-जगह वाटर होल बनाए गए हैं। इससे शाकाहारी जानवरों को भोजन-पानी आसानी से मिल रहा है। यही कारण है कि चार वर्ष में चितल, सांभर, नीलगाय व जंगली सूअर की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।


Source: Dainik Bhaskar July 09, 2021 03:40 UTC



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