खास बात इस फिल्म की यही है कि अब भी चंबल की दुनिया कई सालों बाद भी नहीं बदली है. हालांकि सुशांत का कहना है कि वह जब कोई फिल्म साइन करते हैं तो फिल्म का जॉनर तय नहीं करते. मुझे चूंकि परफॉरमेंस करना पसंद है तो मैं टीवी पर भी काम कर सकता हूं, फिल्मों में भी और थियेटर में भी. सुशांत कहते हैं कि मुझे इस बात का डर नहीं है कि मैं कभी रैंक 1 पर रहूंगा या नहीं रहूंगा. छोटे परदे से बड़े परदे की जर्नी के बारे में सुशांत का कहना है कि यह सोचना कि मैं छोटे परदे से आया हूं, यह गलती हो सकती है, क्योंकि मैंने थियेटर भी किया है.
Source: Dainik Jagran February 06, 2019 07:24 UTC