भारत की बार-बार वॉर्निंग के बाद भी ईरान में क्यों रुके हुए हैं भारतीय छात्र? सवाल उठा तो दिया जवाब - News Summed Up

भारत की बार-बार वॉर्निंग के बाद भी ईरान में क्यों रुके हुए हैं भारतीय छात्र? सवाल उठा तो दिया जवाब


तेहरान में पढ़ने वाली एक छात्रा ने बताया कि उसे भी 5 मार्च को एग्जाम देना है। उसने कहा, 'हमारे पैरेंट्स चाहते हैं कि हम तुरंत घर लौट आएं। हालांकि ये एग्जाम हमारे अकेडमिक करियर के लिए बहुत जरूरी है। ओलुम-ए-पाये का पहला फेज वाला एग्जाम हर साल फरवरी या मार्च में और दूसरा फेज सितंबर में आयोजित होता है। हम अधिकारियों से गुजारिश कर रहे हैं कि दोनों फेज के एग्जाम को एक साथ सितंबर में करवाया जाए।'छात्रा ने आगे बताया कि पिछले दो महीने पढ़ाई को लेकर काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। उसने कहा, 'ज्यादातर समय इंटरनेट बंद रहा है। ये बहुत मुश्किल एग्जाम होता है और सिर्फ किताबें पढ़कर इसे क्लियर कर लेना काफी नहीं है। हमें कई तरह के ऑनलाइन सोर्स की जरूरत पड़ती है। तैयारी की कमी की वजह से हम परीक्षा देने के लिए तैयार भी नहीं हैं।'एक अन्य छात्र ने कहा, 'ईरान में मौजूद ज्यादातर छात्र पांचवें सेमेस्टर के मेडिकल छात्र हैं, जिनके लिए ये एग्जाम देना जरूरी है। वहीं कुछ स्टूडेंट्स छठे सेमेस्टर में भी हैं जो पिछली बार हुए एग्जाम को पास नहीं कर पाए थे।' बिलाल भट्ट नाम के एक छात्र ने कहा, 'हम लौटना चाहते हैं, हमारे परिवार भी चिंतित हैं। लेकिन मार्च में हमारा एग्जाम है और अभी तक उसके पोस्टपोन होने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। अगर हम एग्जाम नहीं देते हैं, तो इसका असर हमारे करियर पर पड़ेगा।' (फोटो- AP)


Source: Navbharat Times February 24, 2026 17:13 UTC



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