भारत के रणनीतिक ठिकानों और शहरों को अभेद्य बनाएगा आयरन डोम, पढ़ें क्या है इसकी खासियत - News Summed Up

भारत के रणनीतिक ठिकानों और शहरों को अभेद्य बनाएगा आयरन डोम, पढ़ें क्या है इसकी खासियत


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर है। माना जा रहा है कि इजरायल भारत के साथ अपनी आयरन डोम मिसाइल डिफेंस टेक्नोलॉजी साझा कर सकता है। इसका निर्माण भारत में ही करने की योजना है।भारत आयरन डोम को एस-400 के साथ मिलाकर एक मल्टी-लेयर एयर डिफेंस शील्ड बनाएगा, जो ड्रोन और मिसाइल हमलों से देश को अभेद्य सुरक्षा देगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा विशेषज्ञ इस तरह के शील्ड को जरूरी बता रहे हैं।सिर्फ खरीद नहीं, भारत में होगा निर्माण मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने संकेत दिया है कि यह सौदा केवल खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा। योजना है कि भारत को तकनीक का ट्रांसफर किया जाए और निर्माण भारत में ही हो। भारतीय कंपनियां इजरायली पार्टनर के साथ मिलकर उत्पादन करें। यह कदम भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति को नई मजबूती देगा।एस - 400 की खासियत भी जानिए एस - 400 भारत की लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस जरूरतों को पूरा करता है और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा देता है। यह 400 किलोमीटर दूर तक हमलावर लड़ाकू विमान, मिसाइलों, ड्रोन को निशाना बना सकता है। वहीं 325 किलोमीटर दूर पाकिस्तानी अवाक्स विमान को तबाह कर विश्व रिकार्ड बना चुका है।आयरन डोम है नजदीकी खतरे का सॉल्यूशन आयरन डोम कम और मध्यम दूरी के रॉकेट, ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है, जहां एस-400 ऊंचाई और लंबी दूरी के खतरों को कवर करता है, वहीं आयरन डोम सीमा के पास से दागे गए रॉकेट, ड्रोन के झुंड और मिसाइलों को आसानी से तबाह कर सकता है।ऐसे काम करेगी मल्टी लेयर एयर डिफेंस शील्ड अगर भारत इन दोनों सिस्टम को अपने मौजूदा नेटवर्क से जोड़ता है, तो सबसे बाहर की लेयर यानी एस-400 लंबी दूरी की मिसाइलों और फाइटर जेट को रोकेगा। बीच की लेयर स्वदेशी और अन्य मीडियम रेंज डिफेंस सिस्टम की होगी और सबसे अंदर की लेयर के तौर पर आयरन डोम ड्रोन, रॉकेट और कम दूरी की मिसाइलों को रोकेगा। यानी ऊपर से नीचे तक पूरा सुरक्षा कवच रहेगा।चीन-पाकिस्तान धुरी से खतरा भारत पाकिस्तान और चीन की धुरी से गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन अपने जासूसी सेटेलाइटों के जरिये भारत के अहम रणनीतिक ठिकानों और सैन्य तैनाती की निगरानी कर रहा था और जानकारियां पाकिस्तान के साथ साझा कर रहा था।


Source: Dainik Jagran February 26, 2026 03:43 UTC



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