डिजटल डेस्क। भारत में आईपीएल (IPL) के आगाज के साथ ही क्रिकेट का बुखार सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इसके साथ ही 'प्रेडिक्शन' और 'स्किल' के नाम पर चलने वाले दांव-पेच का बाजार भी गर्म होता है। भारत में सट्टेबाजी का इतिहास पुराना है, लेकिन आज के डिजिटल युग में इसने एक नया और खतरनाक रूप ले लिया है। कभी गलियों और अंधेरे कमरों तक सीमित रहने वाला सट्टा अब स्मार्टफोन के जरिए हर घर तक पहुंच गया है।क्या दांव पर लगता है: केवल हार-जीत ही नहीं, बल्कि हर गेंद, रन, और खिलाड़ी के प्रदर्शन (Session Betting) पर करोड़ों रुपये का दांव लगाया जाता है। यह पूरी तरह अवैध है लेकिन 'बुकी' के जरिए इसका बड़ा नेटवर्क चलता है।विस्तार: आईपीएल (IPL) और अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान सट्टा बाजार अपने चरम पर होता है।भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं बल्कि जुनून है, और इसी जुनून का फायदा सट्टा बाजार उठाता है।प्रमुख नाम: 'कल्याण मटका' और 'वरली मटका' इसके सबसे चर्चित नाम रहे हैं। हालांकि अब यह पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है और वेबसाइट्स के जरिए संचालित होता है।कैसे काम करता है: इसमें एक 'मटके' (घड़े) के अंदर नंबरों की पर्चियां डाली जाती थीं और लकी नंबर निकाला जाता था।यह भारत का सबसे पुराना और प्रसिद्ध सट्टा प्रकार है। इसकी शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी।आइए जानते हैं भारत में प्रचलित सट्टा खेलों के प्रमुख प्रकार और उनके पीछे का काला सच:जहां कुछ राज्यों में लॉटरी और घुड़दौड़ कानूनी हैं, वहीं क्रिकेट से लेकर चुनाव तक पर लगने वाला अवैध सट्टा अरबों रुपये के काले कारोबार का आधार बन गया है।3. ऑनलाइन गेमिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स (Fantasy Sports)पिछले कुछ वर्षों में 'ड्रीम 11' (Dream11) और 'माय इलेवन सर्कल' जैसे ऐप्स ने सट्टेबाजी की परिभाषा बदल दी है।कानूनी स्थिति: सुप्रीम कोर्ट ने इसे 'गेम ऑफ स्किल' (कौशल का खेल) माना है, इसलिए यह तकनीकी रूप से सट्टा नहीं कहलाता। हालांकि, इसमें वित्तीय जोखिम शामिल होता है, जिसके कारण कई राज्यों में इसे प्रतिबंधित भी किया गया है।4. चुनाव सट्टा (Election Betting)भारत में चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं होते, और सट्टा बाजार के लिए यह 'बंपर कमाई' का मौका होता है।ट्रेंड: लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान फलोदी (राजस्थान) जैसे सट्टा बाजार देश भर में प्रसिद्ध हैं। यहां इस बात पर सट्टा लगता है कि कौन सी पार्टी कितनी सीटें जीतेगी और कौन मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनेगा।5. ऑनलाइन कैसीनो और स्लॉट गेम्सइंटरनेट के प्रसार के साथ, अंतरराष्ट्रीय कैसीनो वेबसाइट्स भारत में पैर पसार रही हैं।प्रकार: इसमें पोकर (Poker), रूले (Roulette), और ब्लैकजैक (Blackjack) जैसे खेल शामिल हैं। 'तीन पत्ती' और 'अंदर बाहर' जैसे भारतीय पारंपरिक कार्ड गेम्स के ऑनलाइन वर्जन भी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।कानूनी स्थिति और सामाजिक प्रभावभारत में पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 1867 के तहत सार्वजनिक जुआ प्रतिबंधित है। हालांकि, राज्यों के पास अपने नियम बनाने का अधिकार है।जहां वैध है: गोवा, सिक्किम और दमन में कैसीनो कानूनी हैं। कई राज्यों में लॉटरी भी वैध है।जोखिम: सट्टे की लत ने हजारों परिवारों को बर्बाद किया है। वित्तीय नुकसान के साथ-साथ यह मानसिक तनाव और अपराध को भी बढ़ावा देता है।विशेषज्ञों की राय: "सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग के बीच की रेखा बहुत धुंधली होती जा रही है। सरकार को एक सख्त नियामक ढांचे (Regulatory Framework) की जरूरत है ताकि युवाओं को इसके जाल में फंसने से बचाया जा सके।"नोट: भारत सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 से लागू ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत पैसे लगाकर खेले जाने वाले सभी ऑनलाइन गेम, रम्मी, पोकर और सट्टेबाजी (Betting) पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। यह कानून ई-स्पोर्ट्स और शैक्षिक गेम्स को बढ़ावा देता है, लेकिन सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइटों पर, विशेषकर 'मनी गेमिंग' पर रोक लगाता है।
Source: Dainik Jagran March 17, 2026 09:57 UTC