जिला मंडी बोर्ड अधिकारी का सबसे पहला दायित्व यह होता है कि किसी भी किसान को मंडियों में परेशानी न आने दे।सुभाष चंद्र, बठिडाजिला मंडी बोर्ड अधिकारी का सबसे पहला दायित्व यह होता है कि किसी भी किसान को मंडियों में परेशानी न आने दे। उन्हें वह तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, जिनकी उन्हें हर समय आवश्यकता होती है। राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार वह अपने इस दायित्व को बखूबी निभा रहे हैं। यह कहना है कि जिला मंडी बोर्ड अधिकारी कंवरप्रीत सिंह बराड़ का, जोकि दैनिक जागरण के साथ विशेष बातचीत कर रहे थे। पेश है उनके साथ बातचीत के अन्य अंश।सवाल: कोरोना महामारी के मद्देनजर इस बार मंडियों में किसानों, मजदूरों व आढ़तियों को इस बीमारी से बचाने के लिए क्या-क्या प्रबंध किए गए हैं? जवाब: इस बीमारी को लेकर मंडी बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी शुरू से ही बेहद गंभीर हैं। जिले में मंडी बोर्ड के अधीन कुल 183 मंडियां हैं। सभी मंडियों में सैनिटाइजर व हाथ धोने के लिए साबुन और पानी की व्यवस्था की गई। इसके अलावा मंडियों में वैक्सीनेशन कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां पर आढ़तियों, किसानों व मजदूरों की वैक्सीनेशन की जा रही है। जब तक खरीद चलेगी, ये इंतजाम ऐसे ही रहेंगे। सवाल: इस बार किसानों को गेहूं बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारदाने की कमी है। लिफ्टिग नहीं हो रही। मंडियां अनाज से भरी पड़ी हैं। इसके लिए क्या किया है? कच्चे खरीद केंद्रों को पक्का करने की क्या योजना है? जवाब: बठिडा जिला मंडी बोर्ड के अधीन कुल 183 खरीद केंद्र हैं, जिनमें से लगभग तमाम खरीद केंद्र ही पक्के हैं। केवल सात खरीद केंद्र ही ऐसे हैं जोकि अभी कच्चे हैं, लेकिन इन खरीद केंद्रों पर बहुत ही कम मात्रा में अनाज पहुंचता है। इसलिए फिलहाल इन केंद्रों को पक्का करने की कोई योजना नहीं है। सवाल: जिला मंडी बोर्ड के पास संसाधनों की कितनी कमी है? जवाब: मंडी बोर्ड के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। सब कुछ ठीक-ठाक है। सवाल: आपकी प्राथमिकताएं क्या-क्या हैं?
Source: Dainik Jagran April 28, 2021 23:26 UTC