महंगी बिजली कंपनियों की हालत खस्ता: जोधपुर डिस्कॉम के हाल देश में सबसे खराब, जयपुर और अजमेर की भी स्थिति कोई विशेष ठीक नहीं - News Summed Up

महंगी बिजली कंपनियों की हालत खस्ता: जोधपुर डिस्कॉम के हाल देश में सबसे खराब, जयपुर और अजमेर की भी स्थिति कोई विशेष ठीक नहीं


Hindi NewsLocalRajasthanJodhpurJodhpur Discom Is The Worst In The Country, The Condition Of Jaipur And Ajmer Is Not Particularly Goodमहंगी बिजली कंपनियों की हालत खस्ता: जोधपुर डिस्कॉम के हाल देश में सबसे खराब, जयपुर और अजमेर की भी स्थिति कोई विशेष ठीक नहींजोधपुर 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकप्रदेश के लोगों को काफी ऊंची दर पर बिजली बेचने वाले तीनों डिस्कॉम देशभर में सबसे फिसड्‌डी साबित हुए है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर का जोधपुर डिस्कॉम देश के सभी डिस्कॉम की परफोरमेंस सूची में सबसे अंत में 41वें स्थान पर है। जबकि अजमेर डिस्कॉम 26वे व जयपुर डिस्कॉम 35वे स्थान पर रहे। केन्द्र सरकार के उपक्रम पावर फाइनेंस कारपोरेशन गत नौ वर्ष से सभी डिस्कॉम की कार्य क्षमता सहित अन्य कई पैमानों को परखने के बाद रेटिंग तय करता है। इस रेटिंग के पहले चार स्थान पर गुजरात की वितरण कंपनियों ने कब्जा जमाया है।सबसे महंगी बिजली फिर भी कंपनियों की हालत खस्ताराजस्थान में बिजली की दर देश में सबसे अधिक मानी जाती है। जबकि उत्पादन के मामले में राजस्थान आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। वर्तमान में राजस्थान अपनी जरुरत का 96 फीसदी उत्पादन करता है। इसके बावजूद बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं को सबसे ऊंचे दाम पर बिजली बेचती है। यदि स्थाई सेवा शुल्क व सेस को मिला दिया जाए तो उपभोक्ताओं को 9 से 13 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। इतनी वसूली के बावजूद कंपनियों का हालत खस्ता बनी हुई है। वे न तो घाटे को और न ही ट्रांसमिशन लॉस पर काबू करने में सफल हो पा रही है।ऐसे करते है रेटिंगऊर्जा मंत्रालय ने वर्ष 2012 में राज्यों की विद्युत वितरण कंपनियों की रेटिंग तय करने का फैसला किया था। इसमें ऑपरेशनल, रेगुलेटरी व रिफोर्म से लेकर वित्तीय प्रबंधन को देखा जाता है। रेटिंग सालाना की जाती है। इसमें 22 राज्यों के 41 वितरण कंपनियों को शामिल किया जाता है। रेटिंग आईसीआरए व सीएआरई करती है।सबसे नीचे जोधपुर डिस्कॉमराजस्थान के दस जिलों में बिजली वितरण करने वाले जोधपुर डिस्कॉम इस सूची में सबसे अंतिम रहा है। उसे सी ग्रेड मिली है। जोधपुर डिस्कॉम के लिए सबसे बड़ी चिंता बढ़ता ट्रांसमिशन लॉस है। यह 35.12 फीसदी से कम होने के बजाय बढ़कर 37.88 फीसदी हो गया। जोधपुर डिस्कॉम की बिलिंग क्षमता 80.62 फीसदी बनी हुई है। जोधपुर डिस्कॉम के उच्च दर पर बिजली खरीदने के दिन भी ज्यादा है। इसने साल में 304 दिन ऊंची दर पर बिजली खरीदी। जोधपुर डिस्कॉम ने बिजली दर बढ़ाने के लिए आवेदन तक नहीं किया है। वहीं सब्सिडी की राशि भी इसे समय पर नहीं मिल पा रही है।पावर फाइनेंस कारपोरेशन की तरफ से सुझाव दिया गया है कि जोधपुर डिस्कॉम को ट्रांसमिशन लॉस पर सबसे पहले लगाम लगानी होगी। साथ ही अपनी बिलिंग क्षमता को बढ़ाना होगा। घाटे की भरपाई के लिए बिजली के दाम बढ़ाने होंगे। वहीं राज्य सरकार से सब्सिडी मद में बकाया राशि जल्द वसूलनी होगी।जयपुर डिस्कॉम को भी सी रेटिंगप्रदेश के 12 जिलों में बिजली का वितरण करने वाले जयपुर डिस्कॉम के हालात भी अच्छे नहीं है। जयपुर डिस्कॉम का ट्रांसमिशन लॉस भी कम होने के बजाय 25.84 फीसदी से बढ़कर 27.32 फीसदी हो गया। बिलिंग क्षमता भी 82.79 फीसदी ही है। इसने साल में 231 दिन ऊंची दर पर बिजली की खरीद की। बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव तक नहीं भेजा और राज्य सरकार से सब्सिडी मद में बकाया राशि भी बढ़ती जा रही है। जयपुर डिस्कॉम को भी सुझाव दिया गया है कि ट्रांसमिशन लॉस कम करने होंगे। बिलिंग क्षमता को सुधारना होगा। बिजली के दाम बढ़ाने होंगे। वहीं राज्य सरकार से सब्सिडी मद में बकाया राशि जल्द वसूलनी होगी।प्रदेश में सबसे आगे अजमेर डिस्कॉमप्रदेश के 11 जिलों में बिजली का वितरण करने वाले अजमेर डिस्कॉम की स्थिति जोधपुर और जयपुर की अपेक्षा कुछ ठीक कही जा सकती है। उसे सी प्लस रेटिंग मिली है। अजमेर डिस्कॉम प्रदेश का एकमात्र डिस्कॉम है जिसने ट्रांसमिशन लॉस का रेसियो भी 0.89 है, जो कम माना जाता है। इसने साल में 216 दिन ऊंची दर पर बिजली की खरीद की।


Source: Dainik Bhaskar July 17, 2021 05:03 UTC



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