हरिओम गौड़, नईदुनिया, मुरैना। तस्वीरों में दिख रही बस मुरैना बैरियर चौराहा से रवाना हुई जो श्योपुर जिले के वीरपुर तक जाती है। इस बस को परिवहन विभाग ने 47 सवारी बैठाने का परमिट दिया है, लेकिन बस में 140 से ज्यादा सवारियां ठूंस दी गईं। जितनी सवारियां सीटों पर थीं, उससे ज्यादा छत पर बैठी हुई थीं। नईदुनिया संवाददाता ने इस बस क्रमांक एमपी 06 पी 1655 के ड्राइवर से पूछा कि छत पर कितनी सवारियां होंगी, तो बिना किसी संकोच के तपाक से बोला कम से कम 50 तो होंगी ही।आधा दर्जन थानों के सामने से गुजरती मौत की बस यह बस मुरैना बस स्टैंड से निकली और बैरियर चौराहा पर ही छत पर सवारियां बैठा लीं। बस के अंदर कम से कम 90 सवारियां थीं, पूरी गैलरी खड़ी हुई सवारियों से भरी थी। बस के दरवाजों पर यात्री लटके हुए थे, फिर भी कंडक्टर व क्लीनर सवारियों को अंदर ठूंसे जा रहे थे। छत पर भी सवारियां बैठने की जगह नहीं थी। यह ओवरलोड बस वीरपुर पहुंचने तक करीब आधा दर्जन थानों के आगे से निकलती है। बैरियर चौराहा पर अजाक थाना, यातायात थाना, जौरा, कैलारस, सबलगढ़ और पर जिले की सीमा का अंतिम थाना टेंटरा है। यह सवारियां सबसे पहले स्टैंड जौरा तक भी गई होंगी तब भी तीन थानों के आगे से गुजरी।
Source: Dainik Jagran March 12, 2026 14:36 UTC