मॉर्गन स्टैनली ने चेताया, नए FDI नियमों के कारण फ्लिपकार्ट से किनारा कर सकता है वॉलमार्टनई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अमेरिका की बड़ी इन्वेस्टमेंट बैंक और वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी मॉर्गन स्टैनली चेतावनी देते हुए कहा है कि वॉलमार्ट ठीक उसी तरह फ्लिपकार्ट से बाहर आ सकता है, जैसे एमेजॉन ने चीन के बिजनेस के साथ किया था। यह उस सूरत में हो सकता है जब रिटेल दिग्गज को लगेगा कि उसे लंबी अवधि में मुनाफे की संभावना कम है।ब्रोकरेज फर्म की ओर से 4 फरवरी को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय ई-कॉमर्स बाजार के और अधिक जटिल होने के बाद यह निकासी संभव है, लेकिन यह पूरी तरह होगा, बड़ा सवाल है। आपको बता दें कि यह रिपोर्ट भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए जारी नए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों के मद्देनजर आई है, जिन्हें सरकार की ओर से 1 फरवरी को लागू किया जा चुका है।मॉर्गन स्टैनली ने कहा कि नए नियमों के चलते फ्लिपकार्ट को अपने प्लेटफॉर्म से 25 फीसद उत्पादों को हटाने की जरूरत है। कंपनी ने कहा कि इन नए नियमों का सबसे बड़ा असर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर होगा क्योंकि सप्लाई चेन और वर्तमान में उपलब्ध एक्सक्लूसिव डील को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं।इसमें कहा गया है, 'हमारा अनुमान है कि फ्लिपकार्ट के रेवेन्यू का करीब 50 फीसद हिस्सा इसी श्रेणी से आता है। इसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि फ्लिपकार्ट को निकट अवधि में सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।' गौरतलब है कि फ्लिपकार्ट पर सबसे ज्यादा बिक्री स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की ही होती है जो कि ज्यादा कीमत के होते हैं।गौरतलब है कि नए बदलावों के मुताबिक अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उन कंपनियों के प्रॉडक्ट नहीं बेच पाएंगे, जिनमें उनकी हिस्सेदारी है। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अब किसी प्रॉडक्ट विशेष की एक्सक्लूसिव सेल भी नहीं होगी। ई-कॉमर्स कंपनियों ने इस नए नियम की डेडलाइन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार से आग्रह भी किया था।Posted By: Praveen Dwivedi
Source: Dainik Jagran February 05, 2019 06:15 UTC