डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कच्चे तेल की वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास में अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को 30 दिन के लिए हटाने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्काट बेसेंट ने कहा कि इस अस्थायी उपाय से वैश्विक बाजारों में 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल उपलब्ध हो सकेगा। लेकिन, ईरान ने इस प्रस्ताव पर पेच फंसा दिया है।मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने कहा है कि तेहरान के पास दुनिया को बेचने के लिए न तो कच्चा तेल है और ही अतिरिक्त भंडार उपलब्ध है।बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह अस्थायी, अल्पकालिक अनुमति केवल उस तेल तक सीमित है जो पहले से ही रास्ते में है। नई खरीद या उत्पादन के लिए कोई छूट नहीं दी जा रही है।अब कितनी है क्रूड की कीमत? पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले क्रूड की कीमत लगभग 70 अमेरिकी डालर प्रति बैरल थी, जो इस सप्ताह बढ़कर 119.50 अमेरिकी डालर तक पहुंच गई। प्रेट्र के अनुसार, बेसेंट ने कहा अमेरिकी वित्त विभाग आज एक अल्पकालिक अनुमति जारी कर रहा है। इसके तहत समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दी जा रही है।उन्होंने दावा किया कि फिलहाल, प्रतिबंधित ईरानी तेल को चीन सस्ते दामों पर जमा कर रहा है। इस मौजूदा आपूर्ति को दुनिया के लिए अस्थायी रूप से खोलकर अमेरिका लगभग 14 करोड़ बैरल तेल वैश्विक बाजारों में पहुंचाएगा, जिससे आपूर्ति पर पड़ रहे अस्थायी दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।एएनआइ के अनुसार, ईरान के पेट्रोलियम मंत्रालय ने 20 मार्च से जहाजों पर लदे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के अमेरिकी कदम का विरोध किया है। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा है कि फिलहाल ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कोई कच्चा तेल या अतिरिक्त स्टाक उपलब्ध नहीं है।प्रतिबंध हटना का क्या होगा असर? प्रतिबंध हटाने को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री की टिप्पणी खरीदारों को आश्वस्त करने और बाजार की स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से प्रतीत होती है। रायटर के अनुसार, ट्रंप प्रशासन का यह कदम व्हाइट हाउस की इस चिंता को दर्शाता है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते तेल की कीमतों में आई तेजी से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी व्यवसायों और उपभोक्ताओं को नुकसान होगा।
Source: Dainik Jagran March 22, 2026 08:29 UTC