बनारसी ब्रोकेड साड़ी बनारस की पारंपरिक रेशमी साड़ी है, जिसमें कपड़े की बुनाई के दौरान सुनहरे- चांदी के धागों (जरी) से उभरे हुए डिजाइन बनाए जाते हैं। जहां ब्रोकेड शब्द का मतलब ही होता है, फैब्रिक के ऊपर रिच और उठा हुए पैटर्न बनाना। इसके लिए आमतौर पर प्योर सिल्क या सिल्क ब्लेंड फैब्रिक का यूज होता है। जिसे मुगल प्रेरित डिजाइन, फूल- पत्ती और बूटी से सजाया जाता है। इसकी खासियत है कि कढ़ाई साड़ी के ऊपर से की हुई नहीं लगती, बल्कि ये डिजाइन कपड़े का ही हिस्सा लगते हैं। इसलिए यह ज्यादा टिकाऊ और प्रीमियम दिखती है। रिवाबा की साड़ी पर बना फ्लोरल पैटर्न और सुनहरी जरी से आती शाइन, लुक रिच और हैवी बनाता है। इसलिए उन्होंने जूलरी में कुछ ओवर न करते हुए पर्ल्स चूज किए, जो साड़ी की ब्यूटी को निखार लुक में रॉयल वाइब्स ले आए। लेयरिंग वाली पर्ल माला और छोटे- से पर्ल ड्रॉप इयररिंग्स रिवाबा की साड़ी के साथ परफेक्टली ट्यून कर गए। वहीं, बालों का बन बनाकर उन्होंने अपने मेकअप को सॉफ्ट पिंकिश नेचुरल टोन में रखा, जो उनके नेचुरल फीचर्स को एन्हांस कर रहा है। रिवाबा के देसी लुक्स हमेशा ही सादे-सिंपल होते हैं, जिन्हें वह ग्रेस के साथ कैरी करके खूबसूरत बना देती हैं। यहां भी उन्होंने साड़ी को नीट एंड क्लीन प्लीट्स के साथ ड्रेप किया और पल्लू को ओपन रखते हुए दूसरे हाथ पर ओढ़ लिया। जिससे उनका ब्लाउज नजर नहीं आ रहा, लेकिन साड़ी की ड्रेपिंग एकदम रॉयल लगीं। जैसा ड्रेपिंग स्टाइल रानी- राजकुमारी अक्सर ही किए नजर आती हैं। तभी तो उनका देसी रूप भी राजघराने की महिलाओं वाली वाइब्स दे गया। रिवाबा का साड़ी लुक काफी रॉयल और पारंपरिक है, जिसके कपड़े में आती नेचुरल शाइन इसे रिच बनाती है। पूरी साड़ी पर गोल्डन जरी से फ्लोरल मोटिफ्स और बूटियां बनी हैं, तो पल्लू और बॉर्डर पर जरी ब्रोकेड पैटर्न को हैवी रखा। जिसने साड़ी को क्लासी फिनिश दी। यही नहीं पिंक के साथ गोल्डन का कॉम्बिनेशन भी साड़ी की ब्यूटी को बढ़ा गया।रिवाबा और रविंद्र ने पीएम के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए इस मुलाकात को खास बताया। जहां रिवाबा बनारसी ब्रोकेड साड़ी में अपनी सुंदरता दिखा गईं, तो रविंद्र ब्राउन शर्ट के साथ ब्लैक फॉर्मल पैंट्स पहनकर तैयार हुए। जिसे ब्राउन फॉर्मल शूज के साथ पेयर करके उन्होंने अपना लुक पूरा किया। वहीं, इस दौरान पीएम सफेद कुर्ते के साथ चूड़ीदार और हाफ ब्लू जैकेट पहन अपना देसी रूप दिखा गए।
Source: Navbharat Times February 12, 2026 06:54 UTC