इस वायरस के प्रभाव से बकरियों के शरीर पर गहरी गांठें बन जाती हैं और यह बड़ी होकर घाव के रुप में तब्दील हो जाती हैं. बकरियों पर इसका असरइस वायरस की चपेट में आने के बाद बकरियों में इसका संक्रमण 14 दिन के भीतर दिखने लगता है. लंपी वायरस की उत्पत्तिदुनिया में पहली बार लंपी वायरस को अफ्रीका महाद्वीप के जाम्बिया देश में पाया गया था. इस वायरस को लेकर लोगों के मन में यह डर बना है कि क्या इस वायरस से पीड़ित पशुओं के दूध का सेवन करना चाहिए या नहीं. आपको बता दें कि पशुओं के दूध का उपयोग किया जा सकता है लेकिन आपको दूध को काफी अच्छे से उबाल लेना होगा.
Source: Dainik Jagran August 18, 2023 19:30 UTC