लाॅकडाउन के चलते किसानाें को हो रहा घाटा: गांव में ही एक-दाे रुपए किलाे में बेच रहे बैंगन-टमाटर , नहीं ले जा पा रहे बाहर - News Summed Up

लाॅकडाउन के चलते किसानाें को हो रहा घाटा: गांव में ही एक-दाे रुपए किलाे में बेच रहे बैंगन-टमाटर , नहीं ले जा पा रहे बाहर


Hindi NewsLocalRajasthanAlwarDue To The Lockdown, Farmers Are Facing Huge Losses In Vegetable Cultivation, Are Unable To Take Them Out, Are Not Being Sold In The Village. Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपलाॅकडाउन के चलते किसानाें को हो रहा घाटा: गांव में ही एक-दाे रुपए किलाे में बेच रहे बैंगन-टमाटर , नहीं ले जा पा रहे बाहरअलवर 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोबैंगन के खेत में किसान।कोरोना महामारी में किसानों पर मोटी मार पड़ गई है। सब्जी का महंगा बीज लाकर खाद-दवा में हजारों रुपए खर्च कर दिए। अब बेचने की बारी आई तो बैंगन-टमाटर के भाव एक-दो रुपए किलो आ गए। ऐसा इसलिए हो रहा है कि सब्जी बाहर व दूर की मंडियों तक नहीं पहुंच रही है। जिसके कारण गांव में ही बेचने को मजबूर हैं। जहां अधिक ग्राहक नही हैं। इसलिए भाव पूरा नहीं मिल पा रहा है।राजगढ़ के निवासी किसान दीपक शर्मा ने कहा कि अबकी बार लॉकडाउन के कारण किसान पर मार ज्यादा पड़ी है। कोरोना की पहली लहर खत्म होने के बाद किसान ने पुराने घाटे की भरपाई करने के मकसद से अधिक जमीन पर सब्जी की बुआई की। अब खेती तैयार है। दुबारा लॉकडाउन के कारण सब्जी बाजार में पहुंच नहीं रही। भाव जमीन पर पड़े हैं। मजबूरी में गांव में सब्जी बेचनी पड़ रही है। एक से दो रुपए किलो भाव मिलता है। इससे अधिक तो भाड़ा हो जाता है। सरकार को किसानों के प्रति कुछ सोचना चाहिए। जो महंगे दामों में खाद-बीज व दवा लेकर आता है। मंडी में पहुंचने पर मनमर्जी के भाव हो जाते हैं।वहीं सब्जी आमजन के लिए महंगीअलवर शहर में वही सब्जी 20 रुपए किलो बिकती है। इस समय बानसूर के मोठूका गांव निवासी रविन्द्र ने बताया कि खेत में टमाटर बोया है। खूब पैदा हो रहा है, लेकिन बाजार में भाव नहीं है। ऐसे में गांव में ही बेचना पड़ता है। गांव में कोई चार रुपए किलो तो कोई पांच रुपए खरीदता है। मंडी लेकर जाते हैं तो और कम भाव मिलता है। इस कारण मंडी ले जाना बंद कर दिया। लेकिन, गांव में उतनी खपत नहीं है। इस कारण अब सब्जी की खेती ही देखरेख ही कम कर दी है।मंडी में नहीं आ रहे ख़रीददारअसल में अब मण्डी में सब्जी के खरीददार भी कम हो गए हैं। सामान्य ग्राहक नहीं पहुंचते हैं। लॉकडाउन के कारण घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी है। इस कारण मण्डी में ग्राहक कम हो गए। किसान भी दूर की मण्डियों में जा नहीं पा रहे हैं। इन सब कारणों के चलते मंडी में मनमर्जी भी है। घर-घर सब्जी वाले पूरे दाम वसूलने में लगे हैं।


Source: Dainik Bhaskar May 30, 2021 08:46 UTC



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