लॉकडाउन के बाद बिहार आ सकते हैं लालू: पटना आने पर बढ़ेगी सियासी हलचल, सरकार के कई सहयोगियों की भी RJD सुप्रीमो पर नजर - News Summed Up

लॉकडाउन के बाद बिहार आ सकते हैं लालू: पटना आने पर बढ़ेगी सियासी हलचल, सरकार के कई सहयोगियों की भी RJD सुप्रीमो पर नजर


Hindi NewsLocalBiharRJD Leader Lalu Prasad Will Come To Patna After Lockdown; Lalu Impact On Bihar PoliticsAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपलॉकडाउन के बाद बिहार आ सकते हैं लालू: पटना आने पर बढ़ेगी सियासी हलचल, सरकार के कई सहयोगियों की भी RJD सुप्रीमो पर नजरपटना 11 घंटे पहले लेखक: प्रणय प्रियंवदकॉपी लिंकलालू प्रसाद यादव- फाइललालू प्रसाद यादव लॉकडाउन के बाद पटना आ सकते हैं। अभी लालू अपनी बेटी मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास में रह रहे हैं। वहीं एम्स के डॉक्टरों की निगरानी में हैं। लालू प्रसाद अभी 16 तरह की बीमारियों से ग्रस्त हैं। इन सबके बावजूद लालू तो लालू हैं। उनके सियासी साथी मजाक में यह बात कहते भी हैं कि लालू का दिमाग चाचा चौधरी से भी तेज चलता है। लालू प्रसाद पटना कब आएंगे। यह उनके स्वास्थ्य और कोरोना की बिहार में स्थिति पर भी निर्भर करेगा। हालांकि, लालू प्रसाद के आने के बाद बिहार की सियासत में गर्माहट जरूर आ जाएगी। सरकार के कई सहयोगी लालू प्रसाद पर नजर बनाए हुए हैं।मुसीबत खड़ी कर सकते हैं मांझी के साथ मिलकर? लालू प्रसाद पटना आ रहे हैं यह सत्ता पक्ष के लिए चुनौती हो सकती है। वजह ये कि लालू प्रसाद की पार्टी RJD सबसे बड़ी पार्टी है। उनके साथ कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक हैं। उनके MY समीकरण की वजह से AIMIM के 5 विधायक उनके साथ आसानी से आ सकते हैं। HAM और VIP अपने 4-4 विधायकों का साथ दे दे तो संख्या 123 हो जाएगी। सरकार बनाने के लिए चाहिए 122 ही। इसलिए लालू प्रसाद के आने की खबर से सत्ता पक्ष के दुखी लोगों में भी खुशी है।बात कुछ और नहीं राजनीतिक महत्वाकांक्षा की हैएक तरफ लालू प्रसाद को कुछ समय के लिए पटना लाने की बात है तो दूसरी तरफ NDA के घटक दल हम पार्टी सुप्रीमो और पूर्व उपमुख्यमंत्री जीतनराम मांझी अपने बयानों से नीतीश सरकार की आलोचना करने से नहीं चूक रहे हैं। उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी की ही आलोचना कर दी और कह दिया कि ' वैक्सीन के सर्टिफिकेट पर यदि तस्वीर लगाने का इतना ही शौक है तो कोरोना से हो रही मृत्यु के डेथ सर्टिफिकेट पर भी तस्वीर लगाई जाए।' यही नहीं उन्होंने बिहार की विपक्षी पार्टियों RJD और माले की तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग कर दी कि ' पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम 6 माह के लिए बढ़ा दिया जाए।' जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी की मुलाकात के भी मायने निकाले जा रहे हैं।क्या है सीटों का फॉर्मूलाHAM और VIP के पास चार-चार सीटें हैं। ये दोनों मिल गए और साथ में AIMIM के 5 विधायक भी मिल गए तो लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार से लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। यह नहीं भूलना चाहिए कि मुकेश सहनी सबसे अमीर विधायक हैं और उनकी उपमुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा अभी पूरी नहीं हुई है। मांझी भी अपने बेटे को लालू प्रसाद के बेटे की तरह राजनीति में ऊंचाई तक ले जाना चाहते हैं। यहां एक और बात है वह यह कि नीतीश कुमार खुद BJP के साथ बहुत सहज नहीं हैं। उन्होंने कहा भी था कि वे CM बनना नहीं चाहते थे। BJP और LJP की राजनीति की वजह से JDU की सीटें कैसे कम हो गईं यह भी सभी को मालूम है।कई बीमारियों पर भारी लालू प्रसाद की जीवटतालालू प्रसाद यादव डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, प्रोस्टेट बढ़ना, यूरिक एसिड, किडनी की बीमारी, किडनी में स्टोन, थैलीसीमिया, ब्रेन से संबंधित बीमारी, पैर की हड्डी की समस्या, आंख में दिक्कत आदि बीमारियों से ग्रस्त हैं। उन्हें निमोनिया हो गया था। लंग्स में पानी भी आ गया था। सांस लेने में भी उन्हें दिक्कत है। इसलिए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में ही रहना पड़ता है। किडनी की बीमारी की वजह से हाल में आए उनके फोटो से साफ पता चलता है कि चेहरे पर सूजन है। इस सब के बावजूद लालू प्रसाद जीवटता वाले व्यक्ति हैं। वे पटना आएंगे तो बिहार की राजनीति में बड़ी हलचल होगी। इसकी बात कई तरफ से हो रही है।


Source: Dainik Bhaskar May 30, 2021 03:03 UTC



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