विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी को बड़ा झटका! I-Pac के ठिकानों पर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, कोयला घोटाले से जुड़े तार - News Summed Up

विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी को बड़ा झटका! I-Pac के ठिकानों पर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, कोयला घोटाले से जुड़े तार


कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने वाली मशहूर कंपनी I-Pac (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर है। ईडी की टीमों ने दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु समेत देश के कई बड़े शहरों में आईपैक के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत में उबाल आ गया है।चुनावी मैनेजमेंट कंपनी पर ‘कोयला चोरी’ का सायाबता दें कि यह पूरी छापेमारी करोड़ों रुपये के कोयला तस्करी घोटाले (Coal Smuggling Scam) और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की जा रही है। आईपैक वही कंपनी है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन और रणनीतियों की मुख्य सूत्रधार मानी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को इस घोटाले के पैसे का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों में किए जाने का संदेह है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ताजी छापेमारी में ईडी के हाथ कौन से अहम दस्तावेज या सबूत लगे हैं।बेंगलुरु में डायरेक्टर के घर पहुंची टीम, 2020 से कस रहा शिकंजाईडी की इस कार्रवाई की आंच आईपैक के शीर्ष अधिकारियों तक भी पहुंच गई है। बेंगलुरु में कंपनी के डायरेक्टर ऋषिकांत सिंह के आवास पर भी ईडी की टीम ने घंटों तलाशी ली। दरअसल, यह पूरा मामला साल 2020 का है, जब 27 नवंबर को सीबीआई (CBI) ने कोयला चोरी के मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच कर रही है। आरोप है कि अवैध कोयला खनन से हुई कमाई का एक बड़ा हिस्सा आईपैक और उससे जुड़े लोगों के जरिए घुमाया गया है।बंगाल चुनाव से पहले बढ़ी सियासी तपिशपश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस छापेमारी को राजनीतिक गलियारों में बेहद अहम माना जा रहा है। टीएमसी जहां इसे केंद्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति करार दे रही है, वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि वे केवल भ्रष्टाचार के पुराने मामलों में साक्ष्यों का पीछा कर रही हैं। आईपैक के ठिकानों पर दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक हुई इस छापेमारी ने ममता बनर्जी के खेमे में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि आईपैक उनकी पार्टी के कैंपेन की रीढ़ मानी जाती है।


Source: Dainik Bhaskar April 02, 2026 16:22 UTC



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