महाराष्ट्र सरकार में अभी तक राज्य में धार्मिक स्थलों को खोलने पर कोई भी निर्णय नहीं लिया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर अपनी तीखी टिप्पणी की है। और राज्य के तीन जैन मंदिर को सशर्त खोलने का आदेश भी हुआ है। इस विषय पर अब महाराष्ट्र बीजेपी के विधायक राम कदम ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि महाराष्ट्र की सरकार ने राज्य में सब कुछ खोल दिया है। फिर चाहे हम मॉल की बात करें, दुकानों की बात करें या दफ्तरों की बात करें। लेकिन सरकार धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए कोई विचार नहीं कर रही है। आखिर सरकार की मंशा क्या है ? जब हर एक चीज पर पाबंदी हटाई जा रही है तो धार्मिक स्थलों पर क्यों नहीं ? राम कदम ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह शनिवार की सुबह 10:00 बजे सिद्धिविनायक में गणपति बप्पा के दर्शन के लिए जाएंगे। अगर सरकार में जरा भी भगवान के लिए श्रद्धा है तो वह उन्हें रोकने का प्रयास नहीं करेगी। अब देखना यह होगा कि महाराष्ट्र सरकार बीजेपी विधायक के इस कदम पर क्या रुख अख्तियार करती है। राज्य में लगातार धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग की जा रही है। हालांकि कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए सरकार इस विषय पर अभी तक कोई फैसला नहीं ले पाई है।
Source: Navbharat Times August 27, 2020 09:11 UTC