विश्व योग दिवस पर पंच मंत्र, आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने में सक्षम: डांगीInternational Yoga Day 2023 योग की पांच विशेष शक्ति 01 हार-जीत के दौरान स्वीकार भाव को बढ़ाता है: अटल बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव का कहना है कि योग हार जीत के दौरान स्वीकार भाव को बढ़ाता है। स्वस्थ्य रहने का रामबाण दवा है।योग आसन शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। योग तनाव और चिंता का प्रबंधन करने में भी सहायक है। योग आसन शक्ति, शरीर में लचीलेपन और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए जाना जाता है। योग स्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।इसके अलावा बीमारियों से संबंधित योग करने पर मरीजों का राहत मिलती है। योग साधना कई इलाज संभव है। खिलाड़ियों के बीच इसका खास महत्व भी है। जैसे योग शरीर को लचीला मजबूत बनाता है।एकाग्रता बढ़ाता है। शरीर और मन का तालमेल बनाता है। स्टैमीना बढ़ाता है। शरीर को फूर्तीला बनाता है। चोट को सहने की व चोट से बचने की क्षमता बढ़ाता है। मानसिक व शारीरिक तनाव को कम करता है।International yoga day 2023। 6 days 6 Asana rog challenge with jagran.com02 योग सिखाता है दैनिक जीवन में अनुशासन: आइजी मीणा पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) बद्री नारायण मीणा का कहना है कि योग हमें दैनिक जीवन में अनुशासन सिखाता है। शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। यह तनाव और चिंता का प्रबंधन करने में भी सहायता करता है।आनंदमय जीवन व्यतीत करने में मदद करता है। योग आसन शक्ति, शरीर में लचीलापन और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए जाना जाता है। योग से शरीर फ्लेक्सिबल होता है और शरीर को शक्ति मिलती है। इसके नियमित अभ्यास से पीठ, कमर, गर्दन, जोड़ों के दर्द की समस्या तो दूर होती ही है साथ ही योग आपके शरीर की खराब मुद्रा की संरचना को ठीक करता है जिससे भविष्य में होने वाले दर्द से बचा जा सकता है।आम जिंदगी में बच्चों से लेकर बड़ों सभी को योग अपनाना चाहिए। जीवन में योग का बड़ा महत्व है। प्रतिदिन हम सभी को अपने जीवन से कम से कम आधा घंटा योग आसन जरूर करना चाहिए। यह समाज के लिए भी लाभकारी होगा। स्वस्थ समाज से ही हम नए भारत का निर्माण कर सकते हैं। हमें अपने खानपान को भी संतुलित रखने की आवश्यकता है।03 शरीर के आसन और एलाइनमेंट को ठीक करता है: डा.विनोद छत्तीसगढ़ के प्रमुख अस्थिरोग विशेषज्ञ डा. विनोद तिवारी का कहना है कि योग एक ऐसा रामबाण इलाज है जिससे व्यक्ति बिना किसी दवा के आसानी से ठीक हो सकता है। योग से खासकर मांसपेशियों के लचीलेपन में सुधार। शरीर के आसन और एलाइनमेंट को ठीक करता है।बेहतर पाचन तंत्र। आंतरिक अंगों की मजबूती, अस्थमा का इलाज, मधुमेह का इलाज, दिल संबंधी समस्या, त्वचा को चमकाने के साथ एकाग्रता, तनाव मुक्ति, रक्त परिसंचरण और मांसपेशियों के विश्राम में मदद करता है। वजन घटाना और चोट से संरक्षण करता है। बढ़ती उम्र में भी हड्डियों को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं तो योग बेस्ट है। 20 साल की उम्र के आसपास लोगों की हड्डियों में सबसे ज्यादा घनत्व होता है।लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ने लगती है ये घनत्व कम होने लगता है। जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में हड्डियों की बोन डेंसिटी तेजी से कम होने लगती है और बाडी इतनी जल्दी इसे रिकवर नहीं कर पाती। नतीजा हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं। योग के जरिए काफी हद तक ऐसी परेशानियों से बचे रह सकते हैं। हड्डियों की मजबूती के लिए सेतु बंध आसन, श्वान योग एवं वृक्षासन करना चाहिए। हालांकि किसी भी प्रकार का योग करने से पहले योग गुरुओं से संपर्क जरूर करना चाहिए।04 योग का मूल शक्ति है वसुधैव कुटुंबकम : आचार्य वाजपेयी अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी का कहना है कि योग का मूल शक्ति वसुधैव कुटुंबकम में निहित है।योग को भारतीय सनातन संस्कृति की पहचान के रूप में जाना जाता है, जिसमें मानव शरीर परम सुख के नए आयाम को प्राप्त करता है। योग शब्द संस्कृत भाषा के यूज शब्द से बना है जिसका अर्थ हैं जुड़ना या एकजुट होना। योग चेतना के आयाम को बताता है जिसका भारतीय दर्शनशास्त्र में पांच हजार वर्षों से भी पुराना इतिहास है। योग से मिलने वाले कई प्रकार के लाभ हैं जो केवल विद्यार्थियों को ही नहीं बल्कि हर उम्र के व्यक्ति को मिलते हैं या मिल सकते हैं।यह शरीर को लचीला, निरोगी, स्वस्थ और तनाव मुक्त बनता है। साथ ही यह मानसिक सुख भी देने में सक्षम होता है। योग आत्मा को परमात्मा से मिलाने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पहचान मिली और लोगों ने योग को खुले मन से अपनाकर भारतीय सनातन संस्कृति का सम्मान किया है। वही भारतीय सनातन संस्कृति जिसका मूल मंत्र वसुधैव कुटुंबकम है। योग की इसी शक्ति को विद्यार्थी जीवन में उतारने की आवश्यकता है।Posted By: Manoj Kumar Tiwari
Source: Dainik Jagran June 21, 2023 14:01 UTC