वैक्सीनेशन पॉलिसी पर केंद्र को फटकार: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 18 से 44 साल के लोगों का पेड वैक्सीनेशन मनमाना और तर्कहीन फैसला - News Summed Up

वैक्सीनेशन पॉलिसी पर केंद्र को फटकार: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 18 से 44 साल के लोगों का पेड वैक्सीनेशन मनमाना और तर्कहीन फैसला


वैक्सीनेशन का फंड कैसे खर्च कियावैक्सीनेशन सबसे जरूरी चीज है। केंद्र सरकार के सामने ये अकेला सबसे बड़ा काम है। केंद्र ने इस साल वैक्सीनेशन के लिए 35 हजार करोड़ का बजट रखा है। केंद्र यह स्पष्ट करे कि अब तक ये फंड किस तरह से खर्च किया गया है। यह भी बताए कि 18-44 आयु वालों के मुफ्त टीकाकरण के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया।2. बची हुई आबादी का वैक्सीनेशन कैसेकेंद्र ने कहा है कि इस साल के अंत तक देश की सारी वैक्सीनेशन योग्य आबादी को टीका लग जाएगा। हमें बताइए सरकार कब और किस तरह पहले, दूसरे और तीसरे चरण में बची हुई जनता को वैक्सीनेट करना चाहती है।5. पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज हमें देंकोविड वैक्सीनेशन पॉलिसी पर केंद्र की सोच को दर्शाने वाले सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे जाएं।18-44 के वैक्सीनेशन पर 3 तल्ख टिप्पणियां1. वैक्सीनेशन के शुरुआती दो फेज में केंद्र ने सभी को मुफ्त टीका उपलब्ध कराया। जब 18 से 44 साल के एज ग्रुप की बारी आई तो केंद्र ने वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों पर डाल दी। उनसे ही इस एज ग्रुप के टीकाकरण के लिए भुगतान करने को कहा गया। केंद्र का यह आदेश पहली नजर में ही मनमाना और तर्कहीन नजर आता है।2. सुप्रीम कोर्ट ने उन रिपोर्ट्स का हवाला भी दिया, जिसमें यह बताया गया था कि 18 से 44 साल के लोग न केवल कोरोना संक्रमित हुए, बल्कि उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भी रहना पड़ा। कई मामलों में इस एज ग्रुप के लोगों की मौत भी हो गई।3.


Source: Dainik Bhaskar June 02, 2021 11:39 UTC



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