राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत मथुरा पहुंच गए हैं। वह 7 दिन वृंदावन में रहेंगे। रविवार सुबह वे भोपाल से तेलंगाना एक्सप्रेस से मथुरा पहुंचे। यहां संघ के स्वयंसेवकों ने उनका स्वागत किया। सुबह करीब 7 बजे ट्रेन से उतरने के बाद वे ई. भागवत के वृंदावन प्रवास के दौरान संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 3 दिवसीय बैठक होगी। शुभारंभ रविवार शाम केशव धाम में होगा। संघ के प्रांत प्रचारक, सभी अनुषांगिक संगठनों के अध्यक्ष और संगठन महामंत्री भी शामिल होंगे।भागवत को जेड प्लस से एडवांस एएसएल सुरक्षा मिली है। इस कैटेगरी की सुरक्षा पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कुछ चुनिंदा वीवीआईपी को ही मिली है। इसे देखते हुए उनके आगमन से पहले ही मथुरा जंक्शन को सुरक्षा घेरे में ले लिया। स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।मोहन भागवत तेलंगाना एक्सप्रेस से भोपाल से मथुरा आए हैं।राज्यों से पलायन रोकने समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी में किन मुद्दों पर चर्चा होगी। इसे गोपनीय रखा है। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि बैठक में सामाजिक समरसता, राज्यों से पलायन रोकने के लिए जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। इसके अलावा भी कई मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं।केशव धाम में बैठक के मद्देनजर बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।मोहन भागवत का 7 दिन का मथुरा कार्यक्रम... 4 जनवरी : केशवधाम में RSS पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 5 से 9 जनवरी : सुबह केशवधाम में संघ के केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ चिंतन करेंगे। 9 जनवरी : सुबह चंद्रोदय मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन, गोशाला और रसोई की देखभाल के साथ पदाधिकारियों से मिलेंगे। 10 जनवरी : शाम को सुदामा कुटी जाएंगे, संत सुदामा दास महाराज के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे। फिर दिल्ली रवाना होंगे।ये तस्वीर मोहन भागवत के कड़ी सुरक्षा के बीच केशव धाम पहुंचने के दौरान की है।----------------ये खबर भी पढ़ें...प्रयागराज माघ मेले के पहले दिन बही पुलिया:31 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, किन्नरों ने त्रिशूल लहराकर स्नान कियाप्रयागराज में माघ मेले के पहले ही दिन अक्षयवट मार्ग पर एक पुलिया बह गई। इससे रास्ते में रुकावट आ गई। श्रद्धालु बीच में ही फंस गए। पौष पूर्णिमा पर 7 बजे तक 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर आचार्य कल्याणी मां ने त्रिशूल लहराते हुए हर-हर गंगे के जयघोष के बीच आस्था की डुबकी लगाई। पढ़ें पूरी खबर...
Source: NDTV January 04, 2026 14:25 UTC