बटाला के गांव मिरजाजान के रिटायर्ड आईएएएस अधिकारी डीडी भारद्वाज की पोती भावना शर्मा की शादी एनआरआई धीरज शर्मा के साथ हुईरिश्तेदारों ने वीडियो कॉल के जरिये निभाई रस्में, डीसएपी बोले-दूसरे लोगों को प्रेरणा देगा यह वाकयादैनिक भास्कर Apr 16, 2020, 03:56 PM ISTबटाला. गुरदासपुर जिले गांव मिरजाजान में एक शादी में लॉकडाउन के नियम का पूरी भावना से पालन किया गया। बुधवार को आयोजित यह समारोह गांव के रिटायर्ड आईएएएस अधिकारी डीडी भारद्वाज की पोती भावना शर्मा की शादी का था। यहां न सिर्फ एनआरआई दूल्हा खुद गाड़ी चलाकर पहुंचा, बल्कि गिने-चुने 7 लोग समारोह में शामिल हुए। इनमें दूल्हा-दुल्हन, एक पंडित और बाकी चार में दोनों के परिजन थे। इस जिम्मेदारा सोच की हर तरफ तारीफ हो रही है।पता चला है कि बटाला में रहने वाले बिजली निगम के रिटायर्ड अधिकारी निरंदर पाल शर्मा के एनआरआई बेटे धीरज शर्मा की शादी में पुलिस प्रशासन की तरफ से सिर्फ 9 लोगों को शामिल होने की अनुमति थी। बावजूद दूल्हा-दुल्हन व पंडित समेत दोनों परिवार के सिर्फ 7 लोग ही शामिल हुए। यहां तक कि खुद डीडी भारद्वाज, वर-वधु की बहनें और भाई वीडियो कॉल के जरिये ही इस अनोखे रिश्ते के गवाह बने, वहीं बाकी संबंधियों ने भी घर में बैठकर ही ऑनलाइन तमाम रस्में निभाई।फेरों की रस्म पूरी करते एनआरआई धीरज शर्मा, उनकी नविवाहित पत्नी भावना शर्मा और अन्य लोग।डीडी भारद्वाज ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से पैदा हुई संकट की इस घड़ी मे सबको देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अमल करना चाहिए और किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठी करने से बचना चाहिए। दुल्हन के ताऊ व दिल्ली कपड़ा इंडस्ट्री में मेनेजर रजनीश भारद्वाज ने कहा कि शादी व जरूरी कामों में भी जितना कम से कम लोग इकट्ठा हों, उतना ही उनके खुद के लिए व देश के हित में हैं। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी व दुल्हन के मौसा विनोद शर्मा व मौसी सुदर्शन शर्मा ने कहा कि सब लोग ऐसा करें निजी खुशियां बाद में हैं, पहले देश है। जिंदगी में पहली बार किसी शादी में वीडियो कॉल के जरिये रस्में निभाकर अच्छा लगा। बाकी लोग भी इसे ट्राई कर सकते हैं।मंडप में मौजूद शादी में शामिल हुए सभी सातों लोग। दूल्हा-दुल्हन व परिवारों के लोग मिलाकर 6 पीछे खड़े हैं तो सातवें की गिनती में वेदीपर बैठे फेरे कराने आए पंडित।उधर एनआरआई दूल्हे धीरज शर्मा के पिता नरिंदरपाल शर्मा और माता शारदा शर्मा ने कहा कि भले ही शादी के लिए परमिशन 9 लोगों की मिली थी, लेकिन बेटे ने तय किया था कि किसी भी सूरत में परमिशन की सीमा को लांघना नहीं है, भले ही एक-दो कम रह जाए। देश के प्रति हम सबकी जिम्मेदारी बनती है। इसलिए दोनों पक्षों केअलावा पंडित समेत कुल 7 लोग ही शामिल हुए।इस शादी की तारीफ करते हुए डीएसपी सिटी बीके सिंगला ने कहा कि इन दोनों परिवारों ने देश के समझदार नागरिक होने का परिचय दिया है। बाकी लोगों को भी इनसे सीख लेनी चाहिए।
Source: Dainik Bhaskar April 16, 2020 09:45 UTC