साइकिल की सवारी देती है 'फैटÓ से आजादी - News Summed Up

साइकिल की सवारी देती है 'फैटÓ से आजादी


प्रयागराज ब्यूरो ।साइकिलिंग की सवारी बॉडी को फिट रखने के साथ ही वेट लॉस करने का भी बड़ा जरिया है। सबसे स्पेशल फीचर यह है कि इसके लिए आपको एक्स्ट्रा एफर्ट करने की जरूरत नहीं है। रुटीन के कामों को बाइक की जगह साइकिल पर शिफ्ट कर देना है। यह कहना है सीए आदर्श अग्रवाल का। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की साइकिल रैली बाइकाथन से प्रभावित होकर आदर्श ने इसकी शुरुआत की थी। बता दें कि ओमिनी जेल की प्रस्तुति दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट बाइकाथन सीजन-15 का आयोजन इस बार 3 सितंबर को किया जायेगा।छह किलो वेट लूज कियाआदर्श अग्रवाल बताते हैं कि कोरोना काल में घर से निकलना बंद हो गया था। मूवमेंट कम हो जाने के चलते वेट गेन करने लगा था। एक समय यह 102 किलो तक पहुंच गया था। इसके बाद इसके साल्यूशन पर काम शुरू किया। साइकिल खरीदी और रोज सुबह झूंसी से निकल जाता था। हेड फोन लगाकर गाना सुनते हुए कब सिविल लाइंस पहुंच जाता था पता ही नहीं चलता था। धीरे-धीरे करके यह हैबिट बनती चली गई। करीब सात आठ महीने तक मैने सिर्फ साइकिल चलाकर करीब छह किलो वेट लूट किया था। खास बात यह भी थी कि वेट लॉस का इंपैक्ट इंच में ज्यादा रिफलेक्ट हो रहा था। आदर्श कहते हैं कि साइकिलिंग मुझे पसंद इसलिए है क्योंकि इसके लिए मुझे कुछ एक्स्ट्रा नहीं करना है। किसी ट्रेनर की जरूरत नहीं है और न ही वर्कआउट की जरूरत है।कैंपस में सिर्फ यूज करते हैं साइकिलएमएनएनआईटी में स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के प्रेसीडेंट प्रो। एके सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वह बताते हैं कि कैंपस में मेरा 100 परसेंट मूवमेंट साइकिल पर होता है। मैं मेडिसीन का स्टूडेंट नहीं रहा लेकिन इतना पता है कि साइकिल चलाने से शारीरिक श्रम होता है। कैलोरी बर्न होती है। निश्चित तौर पर इससे फैट भी रिडयूस होता है। इसी को देखते हुए पूरे एमएनएनआईटी कैंपस में सभी छात्रों को हॉस्टल से लेकर एकेडमिक बिल्डिंग तक मूव करने के लिए सिर्फ साइकिल का इस्तेमाल करने की परमिशन दी गयी है। इसका इंपैक्ट है कि अपने कैंपस में पाल्यूशन का लेवल काफी नीचे है। छात्रों के साथ फेकेलिटी मेम्बर्स ताजी हवा के साथ सांस लेते हैं। कैंपस में ग्रीनरी ज्यादा नजर आती है। ऑफ कोर्स साइकिल यूजर ज्यादा हैं तो फैट का फैक्टर भी यहां बेहद कम प्रभावशाली दिखायी देता है। साइकिल से सिर्फ फैट ही नहीं जाता है, घुटने मूव करते हैं तो पूरी बॉडी की एक्सरसाइज हो जाती है।रेस नहीं यह रैली हैओमिनीजेल प्रजेंट्स दैनिक जागरण आई नेक्स्ट बाइकाथन सीजन 15 का आयोजन इस बार 3 सितंबर को किया जायेगा। हर साल रैली को पुलिस लाइंस ग्राउंड से रवाना किया जाता है। 10 किलोमीटर की इस रैली में 12 साल से ज्यादा की उम्र का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है। रैली का हिस्सा बनने के लिए प्रत्येक पार्टिसिपेंट का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रैली होने के चलते विजेताओं का चयन लकी ड्रा से किया जाता है। रेस मानकर फस्र्ट, सेकंड, थर्ड आने वाले प्राइज के लिए क्लेम नहीं कर सकते।सभी को मिलेगी किटबाइकाथन सीजन 15 के रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी प्रतिभागियों को बाइकाथन किट के रूप में एक टीशर्ट और एक कैप प्रदान की जाएगी। प्रत्येक प्रतिभागी को रैली से लौटने के बाद रिफ्रेशमेंट भी मिलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मिलने वाली स्लिप को अपने साथ रखना होगा।


Source: Dainik Jagran August 15, 2023 01:17 UTC



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