इंटरनेट डेस्क। ईरान-अमेरिका के बीच घोषित सीजफायर की घोषणा के तुरंत भारत ने होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे 16 जहाजों को बाहर निकालने के लिए बड़ा कदम उठा लिया है। नरेन्द मोदी सरकार ने इसके लिए ईरान से संपर्क साधा है। खबरों के अनुसार, भारत सरकार ने सीजफायर का स्वागत करते हुए आशा जताई है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति कायम होगी।खबरों क अनुसार, इस संबंध में विदेश मंत्रालय की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया है। इसके माध्यम से विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम घोषित युद्ध विराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की ओर ले जाएगा।भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि संघर्ष से पहले ही लोगों को अपार पीड़ा पहुंची है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क बाधित हुए हैं। भारत उम्मीद करता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की निर्बाध स्वतंत्रता बनी रहेगी और वैश्विक वाणिज्य का सामान्य प्रवाह बहाल होगा।भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जारी चिंता अब कम होने की उम्मीदसरकारी सूत्रों के मुबातिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जारी चिंता अब कम होने की उम्मीद है। बताया जा है कि मौजूदा समय में भारत के 16 जहाज होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। इनमें अधिकांश तेल और गैस से जुड़े जहाज हैं। बताया जा रहा है कि इन जहाजों में तकरीबन दो लाख टन से अधिक एलपीजी है जिसकी भारत को सख्त जरूरत है। आपको बता दें कि देश में अभी लोगों को एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करेंPC: navbharattimes.indiatimes
Source: Navbharat Times April 08, 2026 10:48 UTC