Hindi NewsDb originalExplainerUddhav Thackeray; Maharashtra Shiv Sena Case Verdict Analysis | Eknath Shinde Fadnavisभास्कर एक्सप्लेनर जीतकर भी हार गए उद्धव ठाकरे: सुप्रीम कोर्ट में 5 में से 4 बाजियां जीते, फिर भी नहीं मिलेगी सत्ता19 घंटे पहलेकॉपी लिंकमहाराष्ट्र की सत्ता शिंदे के पास रहेगी या उद्धव के पास लौटेगी, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ये विवाद निपटा दिया। CJI डीवाई चंद्रचूड़ वाली 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुना दिया कि शिंदे सीएम बने रहेंगे।कोर्ट ने कहा कि उद्धव ठाकरे फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा न देते, तो उनकी सरकार को बहाल कर सकते थे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 5 बड़े सवालों के जवाब दिए, इसमें 4 पॉइंट उद्धव ठाकरे के पक्ष में हैं। सिर्फ एक वजह से उद्धव को वापस सत्ता नहीं मिलेगी और शिंदे सीएम बने रहेंगे।भास्कर एक्सप्लेनर में जानेंगे सुप्रीम कोर्ट में जीतकर भी कैसे हार गए उद्धव ठाकरे? चीफ व्हिप पार्टी नियुक्त करती हैसबसे पहले आसान भाषा में जानें कि चीफ व्हिप होता क्या है? स्पीकर को 3 जुलाई 2022 को विधायक दल में दो गुटों के उभरने के बारे में पता था, जब उन्होंने एक नया व्हिप नियुक्त किया था।स्पीकर ने यह पहचानने का प्रयास नहीं किया कि दो व्यक्तियों प्रभु या गोगावाले में से कौन सा राजनीतिक दल द्वारा ऑथराइज्ड व्हिप है। स्पीकर को सिर्फ राजनीतिक दल द्वारा नियुक्त व्हिप को ही मान्यता देनी चाहिए।3. विधायकों के डिस्क्वालिफिकेशन पर फैसला स्पीकर करेंगेइस पूरी कहानी की शुरुआत हुई थी एकनाथ शिंदे समेत 15 विधायकोंं की बगावत से। इनका फैसला होना फिलहाल बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह शिंदे और 15 अन्य विधायकों को पिछले साल जून में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करने के लिए अयोग्य नहीं ठहरा सकता है।यह अधिकार स्पीकर के पास तब तक रहेगा, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच इस फैसला नहीं सुना देती। सुप्रीम कोर्ट ने एक समयसीमा के अंदर इसका निपटारा करने को कहा है।महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा स्पीकर बीजेपी के राहुल नार्वेकर हैं। वो दो काम कर सकते हैं। या तो बागी विधायकों के डिस्क्वालिफेशन का मुद्दा लटकाए रखेंगे या इन विधायकों की सदस्यता बरकरार रखने का फैसला ले सकते हैं।4. एकनाथ शिंदे सीएम बने रहेंगेसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट का सामना किए बिना ही इस्तीफा दे दिया। ऐसे में यथास्थिति यानी जून 2022 वाली स्थिति बहाल नहीं की जा सकती। इसलिए राज्यपाल की ओर से सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के समर्थन से शिंदे को शपथ दिलाने का फैसला उचित था।
Source: Dainik Bhaskar May 12, 2023 02:21 UTC