सुबह 4 बजे नजारा देखा तो सन्न रह गए, कोई डिवाइडर पर पड़ा था, कोई नाले में गिरा, सब इधर-उधर भाग रहे थे - Dainik Bhaskar - News Summed Up

सुबह 4 बजे नजारा देखा तो सन्न रह गए, कोई डिवाइडर पर पड़ा था, कोई नाले में गिरा, सब इधर-उधर भाग रहे थे - Dainik Bhaskar


विशाखापट्टनम के वेंकटपुरम गांव में गुरुवार तड़के केमिकल फैक्ट्री से स्टाइरीन गैस लीक होने से आठ लोगों की मौत हो गईशिव प्रसाद May 07, 2020, 03:57 PM ISTविशाखापट्‌टनम. विशाखापट्‌टनम के आरआर वेंकटपुरम गांव में एलजी पॉलिमर इंडस्ट्री से तड़के 3 बजे के करीब गैस लीक हुई। लोकल रिपोर्टर से जानकारी मिलने के बाद जब सुबह 4 बजे के करीब हम लोग वहां पहुंचे तो नजारा देखकर सन्न रह गए।जहरीली गैस के संपर्क में आने से कई लोग सड़क पर बेहोश होकर गिर गए।चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी। लोग इधर-उधर भाग रहे थे। पुलिसकर्मी लोगों की मदद कर रहे थे। वे लोगों को बचाने के लिए गाड़ियों में बैठा रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई अपनी जान बचाने में लगा था। बहुत सारे लोग चक्कर खाकर गिर रहे थे। कोई नाले में गिरा तो कोई सड़क पर ही गिर पड़ा। कोई डिवाइडर पर पड़ा था। जो भी गैस के संपर्क में आया, उसे कुछ ही मिनटों में बेहोशी आ गई।बचावकर्मी के साथ बाइक पर मरीज को ले जाता हुआ शख्स।लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। घबराहट हो रही थी। शरीर पर चकत्ते आने लगे थे। आंखों से पानी आने लगा था। पलकें झपकने और खोलने तक में दिक्कत होने लगी थी।सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि जानवर भी गैस के संपर्क में आने से मर गए। कई गाय अब भी सड़क पर मरी पड़ी हैं।जो लोग ठीक थे, वे बचने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। शुरुआत में किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। कोई अपने बच्चे को बचाने की कोशिश कर रहा था तो कोई बुजुर्ग मां-बाप को दूर ले जाते हुए दिख रहा था। कुछ लोग अपनी बाइक से ही पीड़ितों को हॉस्पिटल ले जाते हुए दिखे।बड़ी संख्या में एम्बुलेंस से लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया।कुछ ही देर में पुलिस के साथ ही एम्बुलेंस भी आ गईं थीं। लोगों को एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों के जरिए सीधे केजीएच हॉस्पिटल ले जाया गया। अब इस पूरे क्षेत्र को खाली करवा दिया गया है। यहां से मीडिया को भी बाहर कर दिया गया है। अंदर सिर्फ पुलिसकर्मी और बचावकर्मी हैं। पुलिस ने यहां बहुत अच्छा काम किया है। यदि पुलिस लोगों को समय पर हॉस्पिटल ले जाना शुरू नहीं करती तो कई लोगों की जान जा सकती थी।पहले शहर के बाहर थी यह जगहवेंकटपुरम गांव के गोपालनट्‌टनम इलाके में एलजी पॉलिमर्स का प्लांट 1997 से है। पहले यहां निर्माणकार्य नहीं हुए थे। बसाहट भी नहीं थी और यह एरिया शहर से बाहर गिना जाता था। 2000 के बाद से बसाहट बढ़ना शुरू हो गई। इमारतें बनने लगीं। कई लोग रहने लगे। गैस लीक क्यों हुई, इसका अभी तक कारण पता चल नहीं पाया है। लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री तो बीते कई दिनों से बंद थी।हादसे की खबर लगते ही आसपास से कई लोग मदद के लिए पहुंचे, लेकिन वो ही प्रभावित एरिया में पहुंचते ही बेहोश होकर गिर गए। आसपास के घरों में भी लोग बेहोश मिले। कुछ लोगों के शरीर पर लाल निशान पड़ गए।


Source: Dainik Bhaskar May 07, 2020 08:54 UTC



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