Hindi NewsLocalRajasthanUdaipurCalling MP Diya Kumari's Son As Maharaja Was Heavy For Deepti, Users On Social Media Scoldedसोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं BJP MLA दीप्ति: सांसद दीया कुमारी के बेटे को महाराजा बोलना पड़ गया भारी, यूजर्स ने सुनाई खरी-खरीउदयपुर 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकपूर्व विधायक अमराराम ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी।दीप्ति की सफाई- दीया कुमारी सांसद ही नहीं मेरी बड़ी बहन भीराजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी सोशल मीडिया पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गई हैं। दीप्ति माहेश्वरी ने सांसद दीया कुमारी के पुत्र पदमनाभ सिंह के जन्मदिन पर उन्हें महाराजा बोलते हुए सोशल मीडिया पर बधाई दी थी। इसके बाद से ही राजनेता से लेकर साहित्यकार दीप्ति को लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं।महाराजा लिखने पर बहसदीप्ति ने 2 जुलाई को जयपुरा राजघराने से ताल्लुक रखने वाली राजसमंद सांसद दीया कुमारी के पुत्र पद्मनाभ सिंह को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक ट्विट किया। ट्विट में दीप्ति ने लिखा कि जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह जी को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु प्रदान करें। ट्विट में पद्मनाभ को जयपुर का महाराज बताना लोगों को रास नहीं आया और दीप्ति की आलोचना शुरू हो गई।अमराराम ने याद दिलाया लोकतंत्रट्विट के बाद लोग दीप्ति को लोकतंत्र और संविधान याद दिलाने लगे। राजस्थान में पूर्व विधायक और सीपीआईएम नेता रहे अमराराम ने ट्विट कर कहा कि कौन से महाराजा ? लोकतंत्र है ये। जिस संविधान का उपयोग कर आप विधायक बनी हैं ]उसका आर्टिकल 18 पढ़ लीजिए। राजा, महाराजा, महारानी, सुल्तान, राइ बहादुर, राज बहादुर यह उपाधियां तानाशाही, गुलामी, ऊंच-नीच के भेदभाव को दर्शाती हैं। आजादी के बाद देश लोकतान्त्रिक बना, जिसमें सभी को समान माना गया व संविधान लागू होते ही इस तरह की सभी पदवियां खत्म कर दी गई थीं।इतिहासकार दिलीप मंडल ने विधायक दीप्ति से पूछा सवाल।सोशल मीडिया पर विधायक के ट्विट के बाद विवाद लगातार बढ़ता गया। इसके बाद इतिहासकार और लेखक दिलीप मंडल ने ट्विट कर कहा कि अकबर की तरफ से महाराणा प्रताप से लड़ने किस राजवंश के राजा गए थे? छत्रपति शिवाजी महाराज का राज हड़पने के लिए किस राजवंश के राजा को औरंगजेब ने दक्कन भेजा था। शायद ये उस वंश के नहीं हैं? या मेरा इतिहास बोध कमजोर है? वैसे 1947 के बाद महाराजा तो ये कतई नहीं हैं, अमित शाह से पूछ लीजिए।साहित्यकार रामकुमार ने दीप्ति को याद दिलाई डेमोक्रेसी।वहीं साहित्यकार और लेखक रामकुमार सिंह ने भी ट्विट किया। विधायक जी ने दी हैं महाराजा साहब को शुभकामनाएं। होंगे आपके महाराजा। हमारे जयपुर का अब कोई महाराजा नहीं है। जनता ही राजा है, जनता ही महाराजा है। जय डेमोक्रेसी।दीप्ति ने दी सफाईट्विट के बाद दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि यह लोकतंत्र के खिलाफ बोलने के इरादे से नहीं किया गया था। मैंने सिर्फ जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी थीं। वह एक घराने से हैं। इसके अलावा हमारे क्षेत्र की सांसद के पुत्र को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गई थीं। मेरे लिए दीया कुमारी सिर्फ एक सांसद नहीं बल्कि मेरी बड़ी बहन की तरह हैं। उनका मुझ पर आशीर्वाद रहा है। ऐसे में पारिवारिक माहौल को ध्यान में रखते हुए मैंने ट्विट किया था।
Source: Dainik Bhaskar July 04, 2021 12:37 UTC