सौदा / प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारत को दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा अमेरिका - News Summed Up

सौदा / प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारत को दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा अमेरिका


Dainik Bhaskar Feb 07, 2019, 12:15 PM ISTइन सिस्टम्स के इस्तेमाल के लिए भारत सरकार एयर इंडिया से दो बोइंग-777 विमान खरीदेगीइसके जरिए सरकार प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति की सुरक्षा एयरफोर्स वन के स्तर की करेगीवाॅशिंगटन. अमेरिका ने भारत को पहली बार मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेचने पर सहमति जताई है। 190 मिलियन डॉलर (करीब 1360 करोड़ रुपए) की इस डील के तहत अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन भारत की एयर इंडिया वन को दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा। एयर इंडिया वन भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की हवाई सुरक्षा में लगे हवाई दस्ते का नाम है।अमेरिकी कांग्रेस में जारी हुआ नोटिफिकेशनट्रम्प प्रशासन ने बुधवार को ही अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में भारत के साथ इस सौदे की मंजूरी का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके तहत अमेरिका जल्द ही भारत को लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटरमेसर्स (लायरकैम) और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स (एसपीएस) नाम के दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा। भारत सरकार ने कुछ ही दिन पहले अमेरिकी सरकार को इन दोनों सिस्टम को खरीदने की अर्जी भेजी थी।पेंटागन के मुताबिक, इस डील के जरिए भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूती मिलेगी। साथी ही अमेरिकी कूटनीति और विदेश नीति के लिए भी यह एक नया आयाम होगा।भारतीय प्रधानमंत्री को मिलेगी एयरफोर्स वन के बराबरी की सुरक्षाइन डिफेंस सिस्टम्स को बोइंग-777 एयरक्राफ्ट में लगाया जाएगा। भारत सरकार जल्द ही एयर इंडिया से इसके लिए दो बोइंग-777 विमान खरीद सकती है। इन सिस्टम्स के जरिए भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को मिलने वाली हवाई सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति को मिलने वाली सुरक्षा एयरफोर्स वन के बराबर स्तर की हो जाएगी।पायलटों के एक्शन के बिना ही मिसाइल नष्ट कर देगा लायरकैमअमेरिकी वैज्ञानिकों के संघ के मुताबिक, लायरकैम सिस्टम बड़े विमानों को छोटी मिसाइलों से बचाता है। हमले भांपने के लिए यह सिस्टम एक बार में कई सेंसर इस्तेमाल करता है। विमान में फिट होने के बाद यह क्रू को मिलने वाला वॉर्निंग टाइम बढ़ा देता है। साथ ही यह मध्यम दूरी के मिसाइल सिस्टम पर ऑटोमैटिक तरीके से पलटवार भी कर सकता है। इसके लिए विमान के क्रू को अपनी तरफ से कोई कदम भी नहीं उठाना होता। पायलटों को सिर्फ यह जानकारी मिलती है कि मिसाइल का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया गया।क्षेत्र में नहीं बिगड़ेगा सैन्य संतुलनपेंटागन ने साफ किया कि भारत को मिसाइल डिफेंस सिस्टम देने से उपमहाद्वीप में स्थापित सैन्य संतुलन किसी तरह से नहीं बिगड़ेगा। अमेरिका पहले ही भारत को अपने मुख्य रक्षा सहयोगी का दर्जा दिया है। इस ओहदे के चलते ही अमेरिका आसानी से भारत से तकनीक साझा करता है। पिछले साल दोनों देशों ने एक-दूसरे की बेहतर सुरक्षा और संपर्क के लिए कॉमकासा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।


Source: Dainik Bhaskar February 07, 2019 06:11 UTC



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