स्थापना के 40वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है 'प्रभात खबर', पढ़िए क्या कहा प्रधान संपादक ने - News Summed Up

स्थापना के 40वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है 'प्रभात खबर', पढ़िए क्या कहा प्रधान संपादक ने


2020 में जब कोविड-19 ने दुनिया को प्रभावित किया, तो प्रिंट इंडस्ट्री भी इस तूफान से अछूता नहीं रहा। लेकिन ऐसा लगता है कि तूफान की धूल अब हटने लगी है और यह इंडस्ट्री अब एक मजबूत उछाल की ओर बढ़ रही है।EY की 2023 की M&E रिपोर्ट के मुताबिक, यह सेक्टर 2022 में 10 प्रतिशत बढ़कर महामारी से पहले के स्तर के 85 प्रतिशत तक पहुंच गया और इस साल राजस्व का आंकड़ा 260 अरब रुपए पार करने की उम्मीद है। रिपोर्ट कोz विश्वसनीयता प्रदान करने वाले कई प्रकाशनों के जो वित्तीय परिणाम साने आए हैं, वह स्पष्ट रूप से इस क्षेत्र की मजबूत वापसी के संकेत देते हैं। मदैनिक भास्कर और HT मीडिया ने हाल ही में 2023-24 के लिए अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की, जिसमें पहले ने लाभ कमाया, बाद वाले ने अपने घाटे को अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की।मीडिया में जारी किए गए तिमाही परिणामों के मुताबिक, डीबी कॉर्प के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल ने कहा कि जैसा कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं अपने मुद्रास्फीति के दबाव से धीमी गति से उबर रही हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था विशेष रूप से गैर-मेट्रो बाजारों में तेजी से विकास जारी है। पिछले कुछ महीनों से प्रिंट सेक्टर में तेजी का रुख है और इसके जारी रहने की संभावना है। दैनिक भास्कर का कुल राजस्व लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 573.6 करोड़ रुपए हो गया है।वहीं, HT मीडिया के लिए, जून 2023 को समाप्त तिमाही में समेकित शुद्ध घाटा (consolidated net loss) कम होकर 18.98 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 41.80 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा दर्ज किया था।इन नंबर पर बात करते हुए HT मीडिया और हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स की चेयरपर्सन और एडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भरतिया ने एक इनवेस्टर मीटिंग में कहा था कि कंपनियों द्वारा मीडिया पर बढ़ता खर्च, बढ़ती उपभोक्ता मांग, अधिक सरकारी खर्च और मुद्रास्फीति के दबाव में सापेक्ष कमी की वजह से M&E इंडस्ट्री में प्रिंट, रेडियो और डिजिटल क्षेत्रों के लिए निकट भविष्य में शुभ संकेत हैं। हमारा फोकस ओटीटी जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार करते हुए अपने मुख्य व्यवसायों में अच्छी वृद्धि हासिल करने की दिशा में है।BCCL के लिए भी, प्रिंट मीडिया का राजस्व 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए पिछले वित्त वर्ष के 2608.01 करोड़ रुपए की तुलना में 38.48 प्रतिशत बढ़कर 3611.69 करोड़ रुपए हो गया है। जागरण प्रकाशन के Mid-Day ने भी राजस्व में वृद्धि दर्ज की, जो गति पकड़ रहा है। वित्त वर्ष 2023 को समाप्त वर्ष के लिए महत्वपूर्ण परिचालन घाटे (operating loss) से परिचालन लाभ (operating profit) दर्ज किया।इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि इस वापसी में योगदान देने वाले सबसे बड़े कारकों में से एक इन प्रकाशनों के प्रति वफादार पाठकों का समूह है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जब फ़िजिकल समाचार पत्रों की बात आती है, तो ब्रैंड्स के पास कम पाठक हो सकते हैं, लेकिन वे अच्छा कमाते हैं। इसका कारण यह है कि अखबारों में पाठकों का एक वफादार समूह होता है और विज्ञापनदाता उनके लिए भुगतान करने को तैयार रहते हैं।गेम में फिर लौटा विज्ञापनों से प्रिंट का राजस्वइंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि लीनियर टीवी को दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ओटीटी खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रह है, ऐसे में ऐडवर्जाइजर्स के लिए प्रिंट एक अच्छा विकल्प रहा है। EY रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंट सेगमेंट की कुल आय में विज्ञापन की हिस्सेदारी 67 फीसदी रही, जो 2020 में 63 फीसदी थी।दैनिक भास्कर का विज्ञापन राजस्व 2024 की पहली तिमाही में 17.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 394.6 करोड़ रुपए हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 336.8 करोड़ रुपए था। एचटी मीडिया के लिए, विज्ञापन राजस्व साल-दर-साल आधार पर बढ़ा, क्योंकि शिक्षा, खुदरा और रियल एस्टेट जैसी श्रेणियां बढ़ीं, जबकि एफएमसीजी और ऑटो कमजोर रहे। 31 मार्च, 2023 को समाप्त वर्ष में Mid-Day का विज्ञापन राजस्व 34.5 करोड़ रुपए से 53.8 प्रतिशत बढ़कर 53.09 करोड़ रुपए हो गया।सर्कुलेशन राजस्व में अभी भी कमीप्रिंट प्रकाशनों का विज्ञापन राजस्व तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इंडस्ट्री का सर्कुलेशन राजस्व धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। EY रिपोर्ट में कहा गया है, कई प्रकाशकों ने कवर कीमतों में वृद्धि का विकल्प चुना, क्योंकि 2022 में सर्कुलेट की जाने वालीं प्रतियां उनके महामारी के पूर्व स्तर से 23 प्रतिशत कम थीं।दैनिक भास्कर का सर्कुलेशन राजस्व जून 2023 को समाप्त तिमाही में लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 119.9 करोड़ रुपए हो गया, जबकि 2023 की पहली तिमाही में यह 115.6 करोड़ रुपए था। अधिक प्रतियां सर्कुलेट होने के चलते HT मीडिया के सर्कुलेशन राजस्व में साल-दर-साल 4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।सर्कुलेशन राजस्व को वापस पाने के लिए, कई प्रकाशनों ने विभिन्न शैलियों या भाषाओं और पत्रिकाओं में बंडल ऑफर की शुरुआत की है। वहीं कई प्रकाशनों ने फ़िजिकल प्रिंट और प्रीमियम डिजिटल न्यूज पेशकश का कम्बाइंड ऑफर बेचने का भी प्रयास किया है।मूल रूप से अंग्रेजी में लिखे चहनीत कौर, स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, एक्सचेंज4मीडिया के आर्टिकल को आप यहां पढ़ सकते हैं-https://www.exchange4media.com/media-print-news/print-media-is-the-dust-finally-settling-after-covid-storm-128895.html


Source: NDTV August 14, 2023 05:30 UTC



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