मेरठ ब्यूरो। नगर निगम के दायरे में शामिल होने के बाद आज भी शहर के कई ऐसे मोहल्ले और वार्ड हैं जिनकी हालत किसी गांव से भी ज्यादा खराब है। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच आज भी यह मोहल्ले मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कुछ ऐसा ही हाल बाहरी मेरठ के वार्ड-13 का है। यहां के मोहल्ले भोपाल विहार, जय भीमनगर में आज भी बल्लियों पर बिजली सप्लाई होती है। जहां सीवर लाइन ओवरफ्लो होती है। यहां कूड़ा कलेक्शन की गाडिय़ों का सायरन अभी तक नही बजा है। वार्ड नीति के तहत दैनिक जागरण आई नेक्सट की टीम ने स्थानीय लोगों से चर्चा की। साथ ही विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पूछा।वार्ड 13 - जयभीमनगरपुरुष जनसंख्या- 11532महिला जनसंख्या- 9674कुल जनसंख्या- 21206प्रमुख मोहल्ले-दामोदर कालोनी, मोती प्रयाग, हनी गोल्फ, प्रेम प्रयाग कालोनी, जय भीमनगर, भोपाल विहार, मेडिकल कालेज कम्पाउंड, अंबेडकर नगर, मेडिकल कालेज रोडवार्ड की प्रमुख समस्याएं-गंदगी-इस वार्ड के मोहल्लों की सबसे प्रमुख समस्या वार्ड में जगह जगह गंदगी का ढेर, नालियों में गंदगी और कूड़ा कलेक्शन की सुविधा नही होना है। इस कारण से घरों का कूड़ा आसपास के खाली प्लॉट या गलियों डाला जाता है।जर्जर सड़कें-वार्ड 13 के गढ़ रोड से जुड़े से प्रमुख मोहल्लों में टूटी सड़कें स्थानीय लोगों की प्रमुख परेशानी है। यहां भोपाल विहार, जयभीमनगर, मोती प्रयाग, दामोदर कालोनी की प्रमुख कनेक्टिंग रोड पर दो-दो फुट गहरे गड्ढे हैं। कालोनियों के अंदर निगम द्वारा अधिकतर मोहल्लों में पांच साल से सड़क निर्माण नही हुआ है।सीवर लाइन-वार्ड में सीवर लाइन डालने का काम पिछले पांच साल से चल रहा है लेकिन आज तक अधिकतर मोहल्लों की सीवर लाइन चालू नही है। जगह जगह बंद सीवरलाइन कूड़े से अटी हुई है। जिसके कारण बरसात मे जलभराव आम समस्या है। प्राईवेट कालोनियों में सीवरलाइन नही है। कुछ जगह सीवर लाइन है तो कनेक्ट नही है।स्ट्रीट लाइट-वार्ड की अधिकतर कालोनियों में स्ट्रीट लाइट की सुविधा नही है। यहां तक की वीआईपी कालोनी मोतीप्रयाग, प्रेमप्रयास, मेडिकल कैंपस तक में स्ट्रीट लाइट हैं नही या फिर जो हैं खराब पड़ी हैं।दामोदर कालोनी, मोती प्रयाग, हनी गोल्फ यहां की प्रमुख वीआईपी कालोनी है लेकिन इन कॉलोनियों में जाने वाली प्रमुख रोड गडढ़ों से भरी हुई है। बरसात में कीचड़ और पानी के कारण पैदल चलना तक दूभर रहता है।- सोहनलाल कर्दमवार्ड में सीवर लाइन कनेक्ट ना होने के कारण जलभराव की प्रमुख समस्या है। बिजली की मेन लाइन अधिकतर गलियों में नही है। जगह-जगह गंदगी का ढेर है।- दाता राम गौतमहमारे वार्ड में साफ सफाई की प्रमुख समस्या है जिस पर निगम ध्यान नहीं देता है। इसलिए हम ऐसे पार्षद का चयन करेगे जो इस समस्या पर प्राथमिकता से काम कर सके।- झंकार त्यागीस्ट्रीट लाइट ना होने से शाम के समय अधिकतर गलियों में अंधेरा पसर जाता है। सड़कें टूटी हैं इस कारण से अंधेरे में दुर्घटना का डर रहता है।- सेंसर पालकाली नदी हमारे वार्ड का प्रमुख भाग है लेकिन इस नदी की सफाई सालों से नही हुई है। क्षेत्र में कई फैक्ट्रियों का गंदा केमिकल मिक्स पानी नदी में जाता है इससे आसपास के क्षेत्र का पेयजल दूषित हो चुका है।- श्यामवीर सिंहहमारे वार्ड से सीवर टैक्स, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स लिया जाता है इसके बाद भी सुविधाएं ना के बराबर हैं। पानी की टंकी का मोटर आए दिन खराब रहता है जिस कारण से घरों में पेयजल सप्लाई प्रभावित रहती है। गंदगी के कारण मच्छर जनित बीमारियों का वार्ड में प्रकोप है।- सत्यम शर्माहमारे वार्ड में शमशान घाट ना होना एक प्रमुख समस्या भी है और स्थानीय लोगों की मांग भी है। यदि सभासद बनता हंू तो शमशान का निर्माण कराना प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा वार्ड में गंदगी की समस्या, सड़कों की मरम्मत पर काम किया जाएगा।- रामपाल सिंह, पार्षद प्रत्याशीहमारे वार्ड की सीवर लाइन जगह जगह से जाम है। कहीं कहीं अधूरी है तो कहीं डाली ही नही गई। इसके कारण बरसात के बिना भी वार्ड में जगह जगह जलभराव की समस्या बनी रहती है।- जयचंदहाई मास्ट लाइट की वार्ड में बहुत कमी है। इसके अलावा साफ सफाई व सड़कों की हालत पर काम होना बहुत जरुरी है। शमशान घाट की जगह भी एक प्रमुख मुददा है।- सुधीर गौतमइस वार्ड के कई मोहल्ले मलिन बस्तियों में गिने जाते हैं इसलिए नालियों में नियमित साफ सफाई होना बहुत जरुरी है।- किशन चंदशमशान की जगह, बिजली लाइन के लिए पोल और कूड़ा कलेक्शन इन तीन प्रमुख मुददों पर काम होना बहुत जरुरी है।- किरण सिंहगंदगी जलभराव का निस्तारण होना बहुत जरुरी है। इस कारण से वार्ड मे मच्छर जनित बीमारियों का अधिक प्रकोप रहता है।- अमित गौतम
Source: Dainik Jagran May 03, 2023 20:22 UTC