खाली पड़े घरों को जलाकर खाक कर दियाउस रात घाटी से पंडितों का पहला जत्था निकला और इसके बाद मार्च और अप्रैल के दरम्यान हजारों परिवार घाटी से भागकर भारत के अन्य इलाकों में शरण लेने को मजबूर हुए। अगले कुछ महीनों में खाली पड़े घरों को जलाकर खाक कर दिया गया। जो घर मुस्लिम आबादी के पास थे, उन्हें बड़ी सावधानी से बर्बाद कर दिया गया। कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के मुताबिक जनवरी 1990 में घाटी के भीतर 75,343 परिवार थे। 1990 और 1992 के बीच 70,000 से ज्यादा परिवारों ने घाटी को छोड़ दिया। आतंकियों ने 1990 से 2011 के बीच 399 कश्मीरी पंडितों की हत्या की।
Source: Navbharat Times January 19, 2026 08:45 UTC