युद्ध शुरू होने के बाद इस रास्ते से भारत पहुंचने वाला पहला जहाज है. 28 फरवरी को अमेरिका‑इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे जोखिमभरा समुद्री मार्ग बन गया है. Maritime tracking data के अनुसार, 8 मार्च को शेनलोंग का अंतिम सिग्नल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के भीतर देखा गया. शेनलोंग की सफलता से भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए उठी चिंताओं में थोड़ी राहत आई है. विदेश मंत्री जयशंकर और ईरानी नेतृत्व के बीच हुई बातचीत के बाद, ईरान ने भारत‑झंडाधारी टैंकरों को सुरक्षित रास्ता देने के संकेत दिए थे.
Source: NDTV March 12, 2026 13:53 UTC