होल्ड भवन मालिकों को सदन में मिला गोल्डन चांस - News Summed Up

होल्ड भवन मालिकों को सदन में मिला गोल्डन चांस


प्रयागराज (ब्यूराे)। तय समय से करीब आधे घंटे देर से मंगलवार को शुरू हुई नगर निगम सदर की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षद दो खेमे में नजर आए। शहर के विकास और सीवर सफाई से लेकर फागिंग व्यवस्था तक पर कई पार्षदों ने सवाल उठाया। एक वक्त ऐसा भी आया जब खफा कुछ पार्षद सदन से उठकर बाहर तक चले गए। सदन के माहौल को शांत कराने के प्रयास में महापौर को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसी तरह पार्षदों का गुस्सा शांत हुआ तो सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी। इसके बाद पार्षद वार्डों की समस्याओं का पुलिंदा सदन के सामने पेश करना शुरू कर दिए। इसी बीच सदन में कुछ पार्षदों ने आवाज उठाई कि शहर के 20 वर्ष पुराने भवनों के गृहकर में 40 प्रतिशत की छूट दी जाय। इस पर सदन की सशर्त मंजूरी के साथ सदन की कार्रवाई आगे बढ़ी। बैठक में नगर निगम के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।वार्डों के पार्कों में रखे जाएंगे मालीनगर निगम सदन के माध्यम से 20 साल पुराने मका्नों के गृहकर में 40 प्रतिशत छूट देने का इस संकल्प पास हुआ। बताया गया कि इस छूट का लाभ शहर के करीब एक लाख से अधिक भवन मालिकों को लाभ मिलेगा। सर्त रखी गई गई कि यह छूट लागू करने के पहले ऐसे भवनों का सर्वे व विवरण तैयार किया जाय। इसके बाद 40 प्रतिशत की छुट के लिए भवन स्वामियों को किसी भी तरह का कोई शपथ पत्र नहीं देना होगा। नगर निगम की ओर से भवन निर्माण का वितरण तैयार कर छूट उपलब्ध कराई जाएगी। गर्मी में पेयजल की समस्या से शहर के लोगों को परेशान न होना पड़े इसके लिए अप्रैल से पहले 40 से अधिक नलकूप रीबोर किए जाने का संकल्प पास किया गया। सभी सीवर लाइन की सफाई करने का जिम्मा जलकल विभाग को सौंपा गया। वार्डों में पार्कों के रख रखाव के लिए एक माली आउट सोर्सिंग पर रखे जाने की सहमति सदन द्वारा दी गई। यूजर चार्ज की वसूली में हो रही हेराफेरी को नियंत्रित करने के लिए क्यूआर कोड और ईपाश मशीन के प्रयोग पर भी सदन ने स्वीकृति दी। इसी बीच पार्षद आकाश सोनकर ने गृहकर में दोबारा एक मुश्त समाधान योजना लागू करने के लिए शासन को पत्र लिखे की मांग की।ऐसे हंगामें के बाद पेश हुआ बजटकरीब 12 बजे दोपहर से शुरू होने वाली सदन की बैठक में पार्षदों की संख्या पूरी नहीं होने से सदन की कार्रवाई लगभग आधे घंटे देर से चालू हुई। सदन शुरू करने के लिए 100 में से 57 पार्षदों का होना जरूरी था मगर 53 पार्षदों की मौजूदगी में ही सदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। करीब आधे घंटे बाद पार्षदों की संख्या 70 से अधिक हो गई। सदन के अध्यक्ष महापौर उमेशचंद्र गणेश केसरवानी ने जैसे ही कहा कि पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत किया जाय, उनकी यह बात सुनते ही सपा पार्षद अजय यादव और सरफराज अहमद बोल पड़े। पार्षदों का कहना था कि बिना चर्चा के बजट कैसे पास किया जाएगा। यह सदन की नियमावली के विपरीत होगा। कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा के बाद सदन में बजट को लाने का नियम है। लेकिन कार्यकारिणी की बैठक नहीं हुई और बजट को लेकर सदन बुला ली गई। द्वय पार्षदों के इस सवाल का समर्थन करते हुए कुछ भाजपा पार्षद शोर मचाते हुए पहले चर्चा पर जोर देना शुरू कर दिए। इसे लेकर भाजपा पार्षद दो खेमें में बंट गए। एक बगैर चर्चा बजट सदन में पेश करने तो दूसरा खेला चर्चा बाद बजट पेश करने पर अड़ गया। यह देखते हुए महापौर बजट पास होने के बाद चर्चा की बात कही, पर पार्षद सुनने को तैयार नहीं थे। करीब 45 मिनट तक इसी तरह हंगामा चलता रहा। उसके बाद नगर निगम और जलकल विभाग का बजट प्रस्तुत किया गया।सदन से बाहर चले गए कुछ पार्षदसदन में बजट जैसे ही प्रस्तुत हुआ कई महिला और पुरुष पार्षद सदन खफा होकर उठे और बाहर चले गए। नाराज पार्षद मिथिलेश सिंह और कुसुमलता का कहना था कि नई सड़कें बनाने से पहले पेयजल और सीवर लाइन दुरुस्त किया जाय। जबकि सदन में बगैर सीवर व पेयजल लाइन के रोड बनाने का बजट प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं पार्षद किरन जायसवाल ने उसवाल उठते हुए कहा कि वर्षों पहले जो सीवर लाइन बिछाई गई है उसकी सफाई नहीं क्यों नहीं हो नहीं है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। नगर निगम सदन में फागिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव में भी लापरवाही के आरोप लगाए गए। फागिंग कराने में हो रही लावरवाही के आरोप पर जवाब देकर अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव ने सभी को संतुष्ट किया। महापौर ने अपर नगर आयुक्त से कहा कि जहां भी फागिंग की जरूरत है उन वार्डों व स्थानों पर यह कार्य संजीदगी के साथ कराई जाए।पुनरीक्षित बजट पर नजरसदन में नगर निगम और जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट पास हुआ।महापौर की अध्यक्षता में नगर निगम 2025-26 पुनरीक्षित बजट पास हुआ।चालू वित्तीय वर्ष में नगर निगम का मूल बजट 2335 करोड़ रुपये से अधिक है।लेकिन अब इस बजट को सदन द्वारा 2100 करोड़ रुपये कर दिया गया है।ऐसे में नगर निगम के मूल बजट से पुनरीक्षित बजट जारी कर दिया है।जलकल विभाग के मूल बजट से 31.40 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।नगर निगम के मूल बजट में 200 करोड़ से अधिक का बजट कम हुआ है।मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट पेश किया।


Source: Dainik Jagran March 10, 2026 20:51 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */