कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच डॉक्टरों के जज्बे को हर कोई सलामी दे रहा है। इन्हें कोरोना संकट में निरंतर काम भी करना है और शुभचिंतकों का डर भी दूर करना है। कुछ इसी तरह अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं डॉ. भूषण पिंपले। बीएमसी के खेरवाडी स्थित दवाखाने में वो हर रोज मरीजों को देखते हैं। भूषण बताते हैं कि घर पर मैं घरवालों से दूरी बनाकर रखता हूं, लेकिन काम तो करना ही है।हर रोज करीब 50 मरीज देखने वाले भूषण को भी यह पता नहीं होता कि कौन सा मरीज किस तरह का आएगा। जिस तरह का लक्षण होता है, उसी अनुसार दवा और आगे के इलाज की रूपरेखा वह तय करते हैं। बुखार, सर्दी के मरीज अक्सर यहां आते हैं। वॉर्ड में अब तो कोरोना के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। मास्क लगाकर मरीजों को देखने वाले पिंपले के सामने अपनी टीम का मनोबल भी ऊंचा रखने की चुनौती है। पिंपले कहते हैं कि हम आपस में रोज थोड़ी बात करते हैं। हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और करते रहेंगे।\B- डॉ. भूषण पिंपलेकोरोना के योद्धा\B
Source: Navbharat Times April 18, 2020 03:00 UTC