‘फार्मर द जर्नलिस्ट’: गांव की मिट्टी से उठी आवाज़ को मिली राष्ट्रीय पहचान - News Summed Up

‘फार्मर द जर्नलिस्ट’: गांव की मिट्टी से उठी आवाज़ को मिली राष्ट्रीय पहचान


कृषि जागरण की ‘फार्मर द जर्नलिस्ट’ पहल से जुड़कर किसानों की आवाज को बुलंद कर रहे हैं. ‘फार्मर द जर्नलिस्ट’: किसानों को कलम की ताकत‘कृषि जागरण’ द्वारा शुरू किया गया ‘फार्मर द जर्नलिस्ट’ अभियान इस विचार पर आधारित है कि किसान स्वयं अपनी कहानी सबसे बेहतर ढंग से कह सकता है. आईआईटी कानपुर से मिली ₹1,00,000 की फैलोशिपरामजी कुमार की गंभीर और शोध-आधारित पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है. उनकी वास्तविक उपलब्धि यह है कि उनकी रिपोर्टिंग ने किसानों की समस्याओं को व्यापक समाज और नीति-निर्माताओं तक पहुंचाया. ‘फार्मर द जर्नलिस्ट’ अभियान के माध्यम से उन्होंने साबित किया कि यदि इरादा मजबूत हो और मंच सही हो, तो गांव की मिट्टी से उठी आवाज़ भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती है.


Source: Dainik Jagran February 18, 2026 11:55 UTC



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