शॉक लगा ना? लेकिन यह भारत है यहां कुछ भी हो सकता है! वैसे भी जमाना ऑनलाइन हो चुका है। अब लोगों तक पहुंचना बेहद आसान है। इस तकनीक के सहारे ही तेलंगाना का 13 वर्षीय अमर स्वास्तिक थोगिती खुद से कई वर्ष बड़े नौजवानों को सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी करवा रहा है, वो भी मुफ्त में। दरअसल, अमर का एक यूट्यूब चैनल है, जिसे उसने 10 साल की उम्र में शुरू किया था। माने… 2016 में। इस चैनल पर वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों को पढ़ाता और कठिन सवालों को हल करने के आसान उपाय बताता है।लाखों लोग देखते हैं उसके विडियोयूट्यूब पर अमर का चैनल है Learn With Amar नाम से। यहां वह सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी कर रहे युवाओ को ट्रेनिंग देता है। इस चैनल के 2 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। और हां, इस चैनल के हर एक विडियो को हजारों बार देखा जाता है। जबकि कुछ विडियो तो लाखों बार देखे जा चुके हैं।आखिर क्या पढ़ाते हैं अमर? अमर, तेलंगाना के एक छोटे से गांव मंचेरियल से है। उसके पिता गोवर्धन आचार्य योगिती स्कूल टीचर हैं, जो अमर को ट्रेनिंग देते हैं। यूट्यूब का यंगेस्ट और फेमस यूट्यूबर अमर अपने चैनल के माध्यम से लोगों को भूगोल पढ़ाता है। साथ ही, वह उन्हें मुश्किल चीजों को याद करने के आसान तरीके भी बताता है।कैसे शुरू किया यूट्यूब चैनल? एक इंटरव्यू में अमर बताते हैं कि जब वह 5वी कक्षा में था, तो उसे एटलस से खेलना काफी पसंद था। उसके पिता ने अमर की इस रुची को देखते हुए उसे भूगोल पढ़ाना शुरू किया। फिर एक दिन अमर ने ऐसे ही भूगोल पढ़ाने की एक्टिंग की, जिसे उसकी मां मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया। फिर उस विडियो को उन्होंने यूट्यूब पर शेयर कर दिया। लोगों का रिस्पॉन्स अच्छा मिल तो उन्होंने इसे तब से जारी रखा है।9वीं में पढ़ते हैं 13 वर्षीय अमरफिलहाल, अमर 9वीं कक्षा का विद्यार्थी है। वो छुट्टी के दिन ही अपने विडियोज शूट करता और उन्हें पोस्ट करता है। वह इस चैनल को और आगे ले जाना चाहता है। यही वजह है कि वह अब इकोनॉमिक्स और पॉलिटकल सांइस जैसे विषयों की ट्रेनिंग देने की भी सोच रहा है। दरअसल, अमर का सपना है कि वह भी एक दिन आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करे।छोटा भाई भी करता है मददअमर का छोटा भाई अंग विग्नेश भी बड़े भाई की तरह यूट्यूबर बन चुका है। वह कई दफा अपने भाई के साथ विडियो में नजर आता है। कई बार दोनों मिलकर खास विषयों पर विडियो बनाते हैं। पिता को अपने दोनों बच्चों पर गर्व है। क्योंकि उनके बच्चे बेहद कम उम्र में काफी बड़ा काम कर रहे हैं। वो दोनों चीजों को जल्दी समझने की काबलियत रखते हैं।
Source: Navbharat Times February 05, 2019 07:52 UTC