डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में ईरान दूतावास ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से 20 लाख डॉलर वसूले जाने संबंधी खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। वहीं, सोमवार शाम को भारत का झंडा लगे दो एलपीजी टैंकर युद्ध से प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे। इनमें करीब 92,600 टन कुकिंग गैस लदी थी।दूतावास ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि ईरान की ओर से ऐसी कोई राशि नहीं ली जा रही है और इस तरह के दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया जिनमें ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरूजेर्दी के हवाले से कहा गया था कि संघर्षग्रस्त होर्मुज से सुरक्षित गुजरने के लिए वाणिज्यिक जहाजों से शुल्क लिया जा रहा है।'टोल वसूलने की सरकार की नीति नहीं' दूतावास ने कहा कि संबंधित टिप्पणियां व्यक्तिगत विचार हैं और इन्हें सरकार की आधिकारिक नीति नहीं माना जाना चाहिए। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने दावा किया था कि होर्मुज जलमार्ग को बंद नहीं किया गया है और यहां से जहाजों का निकलना लगातार जारी है। युद्ध के हालात को देखते हुए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
Source: Dainik Jagran March 24, 2026 06:55 UTC