200 पुजारी नियुक्त करने की तैयारी: तमिलनाडु में गैरब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति पर स्टालिन सरकार और भाजपा में तकरारचेन्नई 8 घंटे पहले लेखक: चेन्नई से आर रामकुमारकॉपी लिंकसियासत की ग्लीयारों में एक बार फिर स्टालिन सरकार और भाजपा आमने-सामने।तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने 100 दिन में 200 गैर-ब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। जल्द ही 100 दिन का “शैव अर्चक’ कोर्स शुरू होगा, जिसे करने के बाद कोई भी पुजारी बन सकता है। नियुक्तियां तमिलनाडु हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल इंडॉमेंट डिपार्टमेंट (एचआर एंड सीई) के अधीन आने वाले 36,000 मंदिरों में होंगी।कुछ दिनों में 70-100 गैर-ब्राह्मणों पुजारियों की पहली लिस्ट जारी होगी। दूसरी ओर, यह फैसला सियासी रंग लेता जा रहा है। भाजपा ने कहा है कि द्रमुक पार्टी की नींव हिंदू विरोध के मूल विचार पर पड़ी है। क्या सरकार किसी मस्जिद या चर्च को नियंत्रण में लेगी? वहीं, डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि खुद को हिंदुओं की रक्षक बताने वाली भाजपा एक ही वर्ग के साथ ही क्यों खड़ी है? इस बीच, तमिलनाडु के धर्मार्थ मामलों के मंत्री पीके शेखर बाबू ने कहा है कि मंत्रालय के अधीन आने वाले मंदिरों में पूजा तमिल में होगी।वरिष्ठ भाजपा नेता नारायणन तिरुपति कहते हैं कि तमिलनाडु के मंदिरों में हजारों साल पुरानी परंपरा है। मंदिरों में पहले से गैर-ब्राह्मण पुजारी हैं। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष केटी राघवन ने कहा, सरकार चाहती है कि मंत्र तमिल में बोले जाएं। यह कैसे हो सकता है? डीएमके राजनीतिक लाभ के लिए हिंदुओं में मतभेद पैदा कर रही है। ब्राह्मण पुजारी संघ के प्रतिनिधि एन. श्रीनिवासन कहते हैं कि 100 दिन का कोर्स करके कोई कैसे पुजारी बन सकता है?
Source: Dainik Bhaskar June 12, 2021 21:22 UTC