पहले जानिए आंवले के फायदों के बारे में आंवले में विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है और इसके सेवन से इंसान बहुत से रोगों से बचा रहता है। अक्सर लोग कहते हैं कि आंवला सौ मर्ज की एक दवा है। इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन ए, विटामिन ई समेत कई तरह के पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसका स्वाद कसैला होता है। आंवले का मुरब्बा भी खूब बनता है और लोग उसे खूब पसंद भी करते हैं। आंवले में कितने औषधीय गुण होते हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आयुर्वेद में इस फल का खूब उल्लेख किया गया है। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, भोजन पचाने में मददगार होता है, यह डायबिटीज को कंट्रोल में रखता है, खून का प्रवाह अच्छे से बनाए रखता है और की सूजन संबंधी बीमारियों में फायदेमंद होता है।कितना खर्च और कितना मुनाफा? आंवले की रोपाई के बाद उसका पौधा 4-5 साल में फल देने लगता है। 8-9 साल के बाद एक पेड़ हर साल औसतन 1 कुंटल फल देता है। प्रति किलो 15-20 रुपये में बिकता है। यानी हर साल एक पेड़ से किसान को 1500 से 2000 रुपये की कमाई होती है। एक हेक्टेयर में करीब 200 पौधे लग सकते हैं। इस तरह आप साल भर में एक हेक्टेयर से ही 3-4 लाख रुपये की कमाई कर सकते हैं। सही रख-रखाव के साथ एक-एक आंवले का पेड़ 55-60 साल तक फल देता रहता है। यानी एक बार आंवले के पौधे लगाकर आप पूरी जिंदगी कमाते रह सकते हैं। वहीं अगर पेड़ों के बीच में खाली जगह (करीब 10*10 फुट) में आप किसी और चीज की खेती करते हैं तो अतिरिक्त कमाई होगी।कैसे होती है आंवले की खेती? आंवला गर्म जलवायु का पौधा है, जिसे शुष्क प्रदेशों में उगाया जाता है। ना तो इसे लू से नुकसान होता है ना ही पाले से। हालांकि, पौधे के 3 साल का होने तक उसे लू और पाले से बचाने की जरूरत होती है, लेकिन उसके बाद जिंदगी भर कुछ करने की जरूरत नहीं होती है। इसकी खेती रेतीली मिट्टी में नहीं हो सकती है। इसके पौधे की रोपाई से पहले गोबर की खाद पर्याप्त मात्रा में डालनी चाहिए। उसके बाद भी हर साल पौधे में खाद डालते रहनी चाहिए। गर्मी में हर 7-8 दिन और ठंड में 12-15 दिन में इसकी सिंचाई करनी होती है।
Source: Navbharat Times July 25, 2021 07:52 UTC