Amravati News मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प के अंतर्गत सुसर्दा वनपरिक्षेत्र में बाघ के हमले में एक और नागरिक की जान चली गई। घटना से क्षेत्र में भय व्याप्त है। अब मेलघाटवासी सवाल उठा रहे हैं कि बाघ के हमलों में कितनी और न जानें जाएंगी। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह सुसर्दा वनपरिक्षेत्र के पूर्व हिराबंबई बीट के वनखंड क्रमांक 1173 में यह हृदयविदारक घटना हुई। हिराबंबई निवासी सीताराम बंसीलाल गुथर्या (40) का बैल पिछले दो-तीन दिनों से लापता था।बैल के घर न लौटने से चिंतित सीताराम अपने दो नाबालिग बेटों-उमेश गुथर्या (कक्षा 8वीं) और महेश गुथर्या (कक्षा 7वीं) के साथ बैल की तलाश में जंगल गया था। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया और सीताराम गुथर्या पर प्राणघातक हमला करते हुए घसीट कर घने जंगल में ले गया। पिता पर हमला होते देख दोनों बच्चे जान बचाकर गांव की ओर भागे और परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस प्रशासन तथा मेलघाट क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार पटेल, कृषि उपज मंडी समिति के सभापति रोहित पटेल और सामाजिक कार्यकर्ता वहीद खान मौके पर पहुंचे। सुसर्दा वनपरिक्षेत्र अधिकारी अंजना बनसोड, पुलिस निरीक्षक अवतारसिंह चव्हाण, पीएसआई सतीश झालटे सहित वन व पुलिस विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे। पूर्व विधायक राजकुमार पटेल की सहायता से मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए धारणी उपजिला अस्पताल भेजा गया।घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया।तत्काल सहायता की मांग: घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजकुमार पटेल और सभापति रोहित पटेल मौके पर पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों के रोष के बीच राजकुमार पटेल ने वरिष्ठ वन अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर मृतक परिवार को तत्काल 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की। साथ ही बाघ को तत्काल पकड़ कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग भी की गई। उनके हस्तक्षेप से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया े पूरी हो सकी।
Source: Dainik Bhaskar January 29, 2026 20:29 UTC