Bhandara News जिले के रेत घाटों से रेत उत्खनन करने पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) पुणे ने गुरुवार, 5 फरवरी को रोक लगा दी गई। जिसके बाद 7 फरवरी से जिले के सभी 99 मंजूर रेत घाटों से रेत का उत्खनन बंद हो जाएगा। दरअसल, कुछ लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय और जिला खनिकर्म कार्यालय द्वारा बनाए गए उत्खनन प्लान पर सवाल खड़े करते हुए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनटीजी) में प्रकरण दाखिल किया था। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा न्यायालय में कोई जवाब नहीं दिए जाने पर रेत उत्खनन पर रोक लगा दी गई है।संग्रामसिंह भोसले, न्रुपाल दिंगनकर, पल्लवी काकडे, पुष्करा भोसले, संमित्रा पॉल, नमन शेरश्रा, स्नेहा भोसले ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) में प्रकरण दाखिल कर भंडारा जिले के रेत उत्खनन प्लान पर सवाल उठाए थे। आवेदनकर्ताओं के अनुसार जिले के रेत घाटों से क्षमता से अधिक मात्रा में रेत उत्खनन करने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी गई है। इसे लेकर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने जिलाधिकारी व जिला खनिकर्म अधिकारी से जवाब मांगा था। लेकिन प्रशासन द्वारा कोई जवाब नहीं दिया है।जिसके चलते न्यायालय ने 25 फरवरी तक रेती घाटों से उत्खनन पर रोक लगा दी। जिला प्रशासन को अपना 25 फरवरी को जवाब देने को कहा है। जिला प्रशासन के जवाब से न्यायालय संतुष्ट हुआ तो रेती घाटों से उत्खनन की अनुमती मिल सकती है। लेकिन रेती उत्खनन के प्लान पर न्यायालय जिला प्रशासन के जवाब पर संतुष्ट नहीं हुआ तो रेती घाटों के ठेके स्थायी रुप से रद्द किए जाने की संभावना है।
Source: Dainik Bhaskar February 07, 2026 12:24 UTC